पटना (PATNA) : बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं, शिक्षक भर्ती और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों के समर्थन का ऐलान किया. गर्दनीबाग में TRE-4 समेत विभिन्न भर्ती और परीक्षा संबंधी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा है.
छात्रों की मांगों के साथ खड़े रहने का दावा
तेजस्वी यादव ने कहा कि वह पहले भी छात्रों और अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे हैं और आगे भी जरूरत पड़ने पर आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों को लेकर फिर सड़क पर उतरना पड़ा तो वह अपनी पूरी पार्टी के साथ उनका समर्थन करेंगे. तेजस्वी इससे पहले भी गर्दनीबाग पहुंचकर TRE-4 अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन कर चुके हैं.उन्होंने धरने पर बैठे अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने की मांग की. आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की मांगों में परीक्षा तिथियों की घोषणा, भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव तथा TRE-4 से जुड़े मुद्दे शामिल रहे हैं.
परीक्षा और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला
तेजस्वी यादव ने परीक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार गंभीरता से काम नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और आम जनता की आवाज सुननी होगी. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित काम नहीं कर रही. हाल के दिनों में तेजस्वी के नेतृत्व में राजद ने पेपर लीक, रोजगार और छात्र मुद्दों को लेकर पटना में विरोध मार्च भी किया है.
परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान परीक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया गया था. साथ ही मौजूदा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा.उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी तीखा राजनीतिक हमला किया और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए. तेजस्वी ने कहा कि छात्र जिन मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे हैं, उन पर सरकार को ठोस समाधान निकालना चाहिए.
