पटना (PATNA) : पटना हाईकोर्ट ने गैर-जमानती वारंट के निष्पादन को लेकर सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है. अदालत ने एसएसपी की ओर से दाखिल रिपोर्ट को अधूरी और असंतोषजनक बताते हुए उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. साथ ही उन्हें अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
वैवाहिक विवाद से जुड़ा है मामला
यह मामला एक वैवाहिक विवाद से जुड़ा है, जिसमें जारी गैर-जमानती वारंट का पुलिस ने काफी तेजी से निष्पादन किया था. सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाया कि जब इस मामले में इतनी तेजी दिखाई गई, तो जिले के अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में लंबित गैर-जमानती वारंटों के निष्पादन की क्या स्थिति है. कोर्ट ने कहा कि एसएसपी की रिपोर्ट में इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून का पालन सभी मामलों में समान रूप से होना चाहिए. पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष, पारदर्शी और एक जैसी होनी चाहिए. किसी एक मामले में तेजी और दूसरे मामलों में लापरवाही उचित नहीं मानी जा सकती. अदालत ने कहा कि रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं, इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने सारण जिले के सभी थानों में लंबित गैर-जमानती वारंटों का थानावार विस्तृत ब्योरा पेश करने का आदेश दिया है। इसमें यह भी बताने को कहा गया है कि कितने वारंट लंबित हैं, उन्हें निष्पादित करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है और किन कारणों से वे अब तक लंबित हैं.
अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी
अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाए. यदि तय समय पर पूरी और संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी की जा सकती है. मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी. उस दिन सारण के एसएसपी को स्वयं अदालत में उपस्थित होकर जवाब देना होगा.
