पटना (PATNA): बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी फिर तेज हो गई है. इसी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि बिहार में SIR की प्रक्रिया 2025 में पूरी की गई थी और इसके दौरान BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया था. उन्होंने कहा कि 24 जून से 25 जुलाई 2025 तक चले पहले चरण में मतदाताओं का सत्यापन किया गया और इसके बाद दावा-आपत्ति का मौका भी दिया गया. चुनाव आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान करीब 22 लाख मृत मतदाताओं, करीब 7 लाख एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं और करीब 35 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित या सत्यापन में नहीं मिले मतदाताओं की जानकारी सामने आई थी.
सम्राट चौधरी ने SIR को लेकर राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा स्पष्ट उदाहरण सामने नहीं आया जिसमें सत्यापन के बाद किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया जाना साबित हुआ हो. हालांकि, चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और गलत प्रविष्टियों पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक महीने का अवसर दिया था. मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि जब 2025 में SIR की प्रक्रिया हुई, तब इस पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए.
इसके साथ ही सम्राट चौधरी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला. उन्होंने कांग्रेस पर लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद देश की आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए और कहा कि विपक्ष को अपने शासनकाल का भी हिसाब देखना चाहिए. उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर बिहार में राजनीतिक दौरे को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि गरीब परिवार से आने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री बना तो विपक्ष को परेशानी हो रही है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार और देश तेजी से विकास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गरीबों को पक्के मकान समेत कई योजनाओं का लाभ मिला है और जनता ही लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत है.
