Bihar

पर्यटन स्थलों पर दिखेगी गांव की पहचान, बिहार में अत्याधुनिक हाट-बाजार विकसित होंगे

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
पर्यटन स्थलों पर दिखेगी गांव की पहचान, बिहार में अत्याधुनिक हाट-बाजार विकसित होंगे

पटना (PATNA) : बिहार सरकार गांवों में रोजगार बढ़ाने और जीविका दीदियों व किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने की तैयारी में है. इसके तहत राज्य के पर्यटन स्थलों पर आधुनिक हाट-बाजार बनाए जाएंगे, जहां ग्रामीण उत्पादों की बिक्री होगी. साथ ही हर पंचायत में हाट विकसित करने, महिलाओं को प्रशिक्षण देने और पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम किया जाएगा.

बिहार सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जीविका दीदियों एवं किसानों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने नाबार्ड और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अत्याधुनिक हाट-बाजार विकसित किए जाएं ताकि जीविका समूहों और किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और बाजार मिल सके.

गरीबों की जरूरतों और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं में गरीबों की जरूरतों और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने अधिकारियों से जीविका दीदियों और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए रोजगार आधारित योजनाओं का चयन प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए.

उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा मिल सके

बैठक में विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि अगले पांच वर्षों के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक आधुनिक हाट विकसित करने का लक्ष्य रखा जाए. उन्होंने इन हाटों को डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा मिल सके.

मंत्री ने जीविका दीदियों के कौशल विकास के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने प्रत्येक प्रखंड में कम से कम 10 महिलाओं एवं युवतियों को प्रशिक्षण देने की बात कही ताकि वे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने के साथ अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित कर सकें. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में प्लंबर की बढ़ती मांग को देखते हुए जरूरतमंद युवाओं और महिलाओं को प्लंबिंग का प्रशिक्षण देने की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए.

रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू करने को कहा

मंत्री ने अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में खाली पड़े पुराने सरकारी भवनों की पहचान कर उन्हें हाट-बाजार के रूप में विकसित करने, खेल मैदानों का व्यवस्थित निर्माण करने तथा रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू करने को कहा.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी

बैठक में मंत्री श्रवण कुमार ने पश्चिम चंपारण, मुंगेर, नवादा सहित पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में बकरी पालन एवं अन्य पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

बैठक में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, वीबी-जी रामजी योजना की आयुक्त नन्या सिंह, नाबार्ड पटना के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक लक्ष्मण कुमार सहित विभाग एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.