Bihar

छह दिन पहले पटना आई थी रोजी, फ्लैट में संदिग्ध हालत में मौत

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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पटना:पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर रोड नंबर-3 में एक नर्तकी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. कोलकाता की रहने वाली रोजी खातून 12 अगस्त को ही पटना पहुंची थी और एक परिचित आर्यन के किराए के फ्लैट में रह रही थी. छह दिन बाद 17 अगस्त की रात फ्लैट में उसकी मौत की सूचना मिली. शुरुआती जांच में पुलिस को अत्यधिक नशे की आशंका नजर आ रही है, लेकिन मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है.

रोजी पहले पटना में डांसर के रूप में काम कर चुकी थी और हाल के दिनों में इवेंट से जुड़े कार्यों से भी जुड़ी हुई थी. बताया जा रहा है कि आर्यन और रोजी के परिवार के बीच पहले से जान-पहचान थी. इसी परिचय के चलते पटना आने के बाद रोजी आर्यन के फ्लैट में ठहरी थी. हालांकि, कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया.

जानकारी के मुताबिक आर्यन 14 अगस्त को अपनी पत्नी के साथ देवघर चला गया था. इसके बाद फ्लैट में रोजी और आर्यन का भांजा मौजूद थे. 17 अगस्त की रात आर्यन का भांजा दुकान बंद करने के बाद घर पहुंचा. उस समय उसने रोजी को बेड पर बैठे हुए देखा. इसके बाद वह हाथ-पैर धोने चला गया. कुछ देर बाद जब उसने खाना खाने के लिए रोजी को आवाज दी, तो उसकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

स्थिति पर शक होने के बाद वह रोजी के पास गया. वहां उसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद उसने आर्यन को फोन कर घटना की जानकारी दी. आर्यन की सूचना पर डायल 112 को भी मामले की जानकारी दी गई. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रोजी को मृत अवस्था में पाया.

जक्कनपुर थानाध्यक्ष ऋतुराज के अनुसार, शुरुआती जांच में अत्यधिक नशे के कारण मौत होने की आशंका है. मृतका की नाक से खून निकलने की बात भी सामने आई है. हालांकि पुलिस ने अभी मौत के कारण को अंतिम रूप से तय नहीं किया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

जांच के दौरान फ्लैट में पार्टी होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है. ऐसे में जांच का दायरा बढ़ गया है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पार्टी में कौन-कौन लोग मौजूद थे, रोजी ने क्या सेवन किया था और वह पदार्थ उसे कहां से मिला. इसके अलावा पार्टी के बाद वहां मौजूद लोगों की गतिविधियां क्या थीं, यह भी जांच का हिस्सा है.

घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं. पुलिस अब इन सबूतों के साथ अन्य परिस्थितिजन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है. जांच अधिकारियों के सामने सिर्फ मौत की वजह पता लगाने की चुनौती नहीं है, बल्कि रोजी की मौत से पहले फ्लैट में हुई गतिविधियों की पूरी कड़ी जोड़ना भी जरूरी है.

मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि रोजी की तबीयत अचानक खराब हुई थी, तो उसे समय पर चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिल सकी. क्या वहां मौजूद लोगों को उसकी स्थिति की जानकारी नहीं हुई या मामला कुछ अलग था? फिलहाल इन सवालों का कोई निश्चित जवाब नहीं है.

आर्यन को लेकर भी पुलिस ने अभी किसी तरह का आरोप तय नहीं किया है. उसके अनुसार घटना के समय वह देवघर में था और सूचना मिलने के बाद पटना वापस आया. ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा. बताया जा रहा है कि रोजी के परिजन कोलकाता से पटना पहुंच रहे हैं. उनके आवेदन और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल इस मामले में पार्टी, नशे और संदिग्ध मौत से जुड़े कई सवाल जांच के केंद्र में हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के नतीजे यह स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि रोजी की मौत वास्तव में नशे के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी. 12 अगस्त को पटना आने से लेकर 17 अगस्त को फ्लैट में मृत मिलने तक की घटनाओं को पुलिस जोड़ने में जुटी है. जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्यमयी मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी.

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