पटना (PATNA): बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी शामिल हुईं और राज्य में महिला सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए.
इनकम टैक्स चौराहे पर विरोध प्रदर्शन
राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. महिला कार्यकर्ताओं ने भी विरोध में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने जमुई की घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. जमुई की घटना के बाद विपक्ष लगातार सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहा है. राजद नेता तेजस्वी यादव भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं.
सम्राट चौधरी के खिलाफ जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पूछा कि जमुई की घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई. हालांकि, पुलिस की ओर से मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई है. राजद कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की. विपक्ष का आरोप है कि जमुई की घटना ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी
जमुई की घटना 19 सितंबर की बताई गई है. घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की. मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन भी किया गया और स्पीडी ट्रायल की तैयारी की बात सामने आई. राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए बिहार के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है.
जमुई की घटना के बाद महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गया है. विपक्ष जहां सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अपराध को जाति-धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
