पटना (PATNA): झारखंड में परीक्षा और रिजल्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का रिजल्ट भी सवालों के घेरे में आ गया है. परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिजल्ट और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया.
सफलता का प्रतिशत इतना कम कैसे हो सकता है
अभ्यर्थियों का कहना है कि अब तक मिली जानकारी और सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए प्राप्त आंकड़ों के अनुसार केवल 10 से 15 प्रतिशत हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी ही सफल हुए हैं. उनका सवाल है कि बिहार जैसे राज्य में जहां बड़ी संख्या में छात्र हिंदी माध्यम से परीक्षा देते हैं वहां सफलता का प्रतिशत इतना कम कैसे हो सकता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अनियमितता हुई है. उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं. अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिन कॉपियों में गड़बड़ी की आशंका है उनका दोबारा मूल्यांकन कराने की मांग की.
CPI (ML) के विधायक ने आयोग और सरकार पर सवाल उठाए
इस मामले पर सीपीआई (एमएल) के विधायक संदीप सौरभ ने भी आयोग और सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और बिहार लोक सेवा आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी स्थिति क्यों बनी. उन्होंने कहा कि यदि अभ्यर्थी लगातार शिकायत कर रहे हैं तो उनकी बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. संदीप सौरभ ने कहा कि अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार या आयोग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कई संवैधानिक और कानूनी विकल्प खुले हुए हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.
अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की
फिलहाल अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि मूल्यांकन में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो प्रभावित अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराया जाए.
