गया (GAYA) : जिले में बढ़ते बिजली संकट और सिंचाई की समस्या को लेकर पूर्व कृषि मंत्री एवं राजद नेता कुमार सर्वजीत ने सरकार और बिजली विभाग को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि यदि दो दिनों के भीतर किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई तो वह किसानों के साथ जिला समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे.
किसानों की फसलें सूख रही हैं
डीएम और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कुमार सर्वजीत ने कहा कि गया जिले में बिजली संकट के कारण किसानों की फसलें सूख रही हैं. कई जगह कृषि ट्रांसफार्मर लंबे समय से जले पड़े हैं, लेकिन उन्हें बदलने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.
किसानों को नुकसान हो रहा है
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय शुरू की गई कृषि क्लिनिक योजना किसानों को तकनीकी सलाह और सहायता देने के लिए बनाई गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया. इससे किसानों को नुकसान हो रहा है.
जिलाधिकारी को दी गई है
कुमार सर्वजीत ने बिजली विभाग पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि बोधगया विधानसभा क्षेत्र के टनकुप्पा, फतेहपुर और आसपास के किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं. उन्होंने दावा किया कि भदान गांव में कृषि फीडर के पोल लगाने के नाम पर किसानों से करीब एक लाख रुपये वसूले गए हैं. इसकी शिकायत शपथपत्र के साथ जिलाधिकारी को दी गई है.
आठ घंटे बिजली दी जाए
उन्होंने मांग की कि यदि बिजली ग्रिड पर अधिक लोड है तो रोटेशन सिस्टम लागू किया जाए और प्रत्येक कृषि फीडर को प्रतिदिन लगातार आठ घंटे बिजली दी जाए. साथ ही पंचायतवार बिजली आपूर्ति का दैनिक शेड्यूल अखबारों में प्रकाशित किया जाए ताकि किसान उसी के अनुसार सिंचाई कर सकें.
बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा
पूर्व कृषि मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो गया से किसानों के अधिकारों को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. इस दौरान उन्होंने सरकार पर किसानों और युवाओं के मुद्दों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया.
