Bihar

बिहार विधानसभा में विशेषाधिकार न्यायालय का शुभारंभ, विधायकों और कर्मचारियों की शिकायतों की होगी सुनवाई

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
बिहार विधानसभा में विशेषाधिकार न्यायालय का शुभारंभ, विधायकों और कर्मचारियों की शिकायतों की होगी सुनवाई

पटना (PATNA) : बिहार विधानसभा में विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के विशेषाधिकारों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेषाधिकार न्यायालय की शुरुआत की गई है. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि विशेषाधिकारों के हनन से जुड़ी शिकायतों की जांच और सुनवाई अब इसी न्यायालय में होगी. दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी.

विशेषाधिकार न्यायालय में की जाएगी

उद्घाटन समारोह में विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, विधान परिषद के सभापति तारकिशोर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-194 के तहत विधानसभा और उसके सदस्यों को कुछ विशेष अधिकार और विशेषाधिकार प्राप्त हैं. इन अधिकारों के हनन से संबंधित मामलों की सुनवाई अब इस विशेषाधिकार न्यायालय में की जाएगी.

उन्होंने बताया कि यदि किसी विधायक, विधानसभा अधिकारी या कर्मचारी को लगता है कि उसके विशेषाधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो वह अपनी शिकायत इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है. शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक होने पर सुनवाई भी की जाएगी.

सुनवाई और जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि विधानसभा सत्र चल रहा हो या नहीं, विशेषाधिकारों के हनन से जुड़े मामलों की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी. यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विधानसभा के नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा निपटारा

उन्होंने कहा कि इस न्यायालय की स्थापना का उद्देश्य विधानसभा की गरिमा, अधिकारों और लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करना है. इससे विशेषाधिकारों से जुड़े मामलों का समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से निपटारा हो सकेगा.

विशेषाधिकार न्यायालय के गठन को बिहार विधानसभा की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.