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बिहार के 13 जिलों में हेलीपोर्ट की तैयारी, छोटे शहरों तक बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी,जानिए पूरी डिटेल

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

TNP DESK : बिहार में सड़क और रेल के बाद अब जिलों के बीच हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में नई पहल की जा रही है. राज्य के 13 जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है. योजना के अमल में आने से भविष्य में इन जिलों से हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन की संभावनाएं बन सकती हैं. इसका इस्तेमाल यात्री परिवहन के साथ आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी किया जा सकेगा.

इन 13 जिलों को योजना में किया गया शामिल

प्रस्तावित Bihar Heliport योजना के शुरुआती चरण में कटिहार, पूर्णिया, अररिया, गयाजी, शेखपुरा, बांका, बेगूसराय, जमुई, खगड़िया, नवादा, सीतामढ़ी, औरंगाबाद और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है. हेलीपोर्ट बनने से इन क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकेगा. हालांकि, हेलीपोर्ट तैयार होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी जिलों से तुरंत नियमित यात्री सेवा शुरू हो जाएगी. इसके लिए रूट, ऑपरेटर, यात्री मांग और संचालन से जुड़ी दूसरी प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होंगी.

आपदा और इमरजेंसी में मिलेगी मदद

बिहार में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए हेलीपोर्ट आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोगी साबित हो सकते हैं. सड़क संपर्क बाधित होने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाने, बचाव दल भेजने और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है. गंभीर मरीजों को तेजी से बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने और बड़े हादसों के दौरान राहत अभियान चलाने में भी इस नेटवर्क का इस्तेमाल संभव होगा.

Modified UDAN से जुड़ी है योजना

हेलीपोर्ट विकसित करने की पहल केंद्र की क्षेत्रीय संपर्क योजना Modified UDAN के तहत आगे बढ़ाई जा रही है. योजना को लागू करने में नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और बिहार सरकार की भूमिका होगी. संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय के जरिए बुनियादी ढांचे और भविष्य के हवाई संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है.बेहतर हवाई संपर्क से बिहार के पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है. गयाजी, सीतामढ़ी, बांका और अन्य जिलों तक कम समय में पहुंचने का विकल्प मिलने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है. इसका सकारात्मक प्रभाव होटल, स्थानीय परिवहन, बाजार और दूसरी सेवाओं पर भी पड़ सकता है.

आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर

अब हेलीपोर्ट के लिए स्थान, आवश्यक सुविधाओं, निर्माण और संभावित रूट से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी. योजना जमीन पर उतरने के बाद बिहार के इन जिलों को तेज परिवहन का नया विकल्प मिल सकता है. साथ ही आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कारोबारी गतिविधियों के लिए भी यह नेटवर्क उपयोगी साबित हो सकता है.

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