पटना: बिहार की राजनीति महकमे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जदयू की अनुशंसा पर विधानसभा सचिवालय ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को नोटिस जारी किया है. नोटिस में विधान सभा अध्यक्ष की तरफ से 7 दिन का समय दिया गया है और उनसे अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है. सोमवार को यह नोटिस विधायक अनंत सिंह को मिल भी गया है. अब उनके जवाब के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष अंतिम फैसला लेंगे.
जदयू की अनुशंसा पर जारी हुआ नोटिस
दरअसल पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से 6 वर्षों के लिए बाहर कर दिया और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिख कर सदस्यता खत्म करने की अनुशंसा की थी. जदयू की अनुशंसा पर अब विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है तथा 7 दिनों के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. इस संबंध में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अखबारों की कटिंग के साथ मीडिया में दिए बयान और विपक्षी उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार का सबूत भी सौंपा है.
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था दोनों की सुनेंगे
इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने पहले ही कहा था कि जदयू की तरफ से अनुशंसा प्राप्त हुई है. पत्र की समीक्षा के बाद दूसरे पक्ष को भी अपना जवाब देने का समय दिया जायेगा जिसमें वह लिखित या व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपनी बात रख सकते हैं. दोनों पक्षों की बात सुनने और समझने के बाद फिर समीक्षा की जाएगी और निर्णय किया जायेगा. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अनंत सिंह की विधानसभा की सदस्यता चली जाएगी या बरकरार रहेगी.
विधान परिषद चुनाव में जदयू प्रत्याशी का किया था विरोध
बता दें कि विधान परिषद चुनाव के दौरान मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध करते हुए जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन तथा चुनाव प्रचार किया था. हालांकि वह हमेशा कहते रहे थे कि उनकी लड़ाई पार्टी या अन्य किसी नेता से नहीं है बल्कि सिर्फ़ नीरज कुमार से है लेकिन मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कुछ आरोप लगाते हुए भी बयान दिया था. उन्होंने नीरज कुमार पर विधानसभा चुनाव के दौरान विरोध करने तथा हराने की साजिश करने का आरोप लगाया था. इसके बाद पार्टी ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी को 6 वर्षों के लिए पार्टी से बाहर कर दिया तथा विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की थी.