पटना: एक तरफ देश भर में विभिन्न मुद्दों को लेकर सियासी पारा गर्म है तो दूसरी तरफ बिहार में एक सांसद तथा पुलिस अधिकारी के बीच टकराव का मामला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. दरअसल बीते जून महीने में भोजपुर में भरत तिवारी नामक युवक के कथित एनकाउंटर मामले में राजद के सांसद सुधाकर सिंह ने तत्कालीन एसटीएफ प्रमुख कुंदन कृष्णन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. आरोप के जवाब में अब डीजी कुंदन कृष्णन ने राजद सांसद को बीते दिनों एक मानहानि का नोटिस भेजते हुए माफी की मांगी तथा 5 करोड़ की मानहानि मुकदमा करने की चेतावनी दी थी. डीजी कुंदन कृष्णन की तरफ से मानहानि नोटिस मिलने के बाद सांसद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख मामले की जांच की मांग की थी. इसके बाद से सांसद सुधाकर सिंह डीजी कुंदन कृष्णन पर कई अन्य गंभीर आरोप लगाया है. एक बार फिर मंगलवार को उन्होंने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुंदन कृष्णन पर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है.
डेढ़ दर्जन एनकाउंटर का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बक्सर से राजद के सांसद सुधाकर सिंह ने डीजी कुंदन कृष्णन की संपत्ति को लेकर कई आरोप लगाया और कहा कि कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी के घोषित संपत्ति के अलावा कई प्रॉपर्टी है, जिसका उल्लेख संपत्ति विवरण में नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार में जिनके कंधे पर न्याय की स्थापना की जिम्मेदारी है, उनमें से कुछ लोग उद्दंड और भ्रष्ट हैं कि जब कोई भी व्यक्ति अराजकता और भ्रष्टाचार पर सरकार से सवाल करती है तो ऐसे उद्दंड अधिकारी केवल नोटिस नहीं बल्कि नियमों के विरुद्ध जा कर मीडिया में भी बयान देते हैं. ऐसे लोगों में एक नाम है, बिहार के डीजी कुंदन कृष्णन का. इनके ऊपर भरत तिवारी समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के एनकाउंटर करने का आरोप है.
करीब डेढ़ सौ करोड़ की अघोषित संपत्ति
सांसद ने कहा कि जब विपक्ष ने उनकी कार्यशैली और सरकार पर सवाल उठाया, जिसमें एक मै भी हूं तो एक कानूनी नोटिस जारी कर मेरी आवाज दबाने की कोशिश की गई. अभी हम उनकी कारगुजारी पर फोकस कर रहे थे और जब जांच की तो हमने पाया कि उन्हें माता पिता से जो संपत्ति मिली है उसका बाजार मूल्य करीब 38 करोड़ है. इसके साथ ही कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी के नाम घोषित संपत्ति पुस्तैनी संपत्ति के अलावे 87 करोड़ रुपए की है. मेरे पास उनकी अघोषित संपत्ति की भी जानकारी है जिसके अनुसार कैमूर जिले में 16 एकड़ 88 डिसमिल कृषि भूमि करीब 2 करोड़ की है जिसका कागजी मूल्य मात्र साढ़े 17 लाख दिखाया गया है. जमीन खरीद में भुगतान नकद में किया गया है.
अघोषित संपत्ति भी की है अर्जित
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि कुंदन कृष्णन के नाम से बैंक में करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की घोषणा की है जबकि पत्नी के नाम भी करीब 3.62 करोड़ की घोषणा की. जाहिर सी बात है कि जिसके पास करीब 7 करोड़ रूपये बैंक में है वह नकद में जमीन क्यों खरीद रहा. नालंदा में उन्होंने अपनी एक संपत्ति छुपाई. मालसलामी में करीब 10 कट्ठा जमीन की जानकारी छुपाई, और अपने नाम से ट्रांसपोर्ट नगर में करीब साढ़े चार करोड़ की संपत्ति घोषित नहीं की.
दूसरे के नाम से भी खरीदी जमीन
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि डीजी कुंदन कृष्णन को पूरी नौकरी में करीब 5 करोड़ रुपए मिले, जिसमें नियम के अनुसार कम से कम 40 प्रतिशत खर्च करना है. अगर हम उनके वेतन के अनुसार जोड़ें तो उनकी और उनकी पत्नी की कुल आय करीब 30 से 40 करोड़ होगी जबकि संपत्ति करीब डेढ़ सौ करोड़ की है. इसके साथ ही उनके पास बेनामी संपत्ति भी है. जिस खाता खेसरा में कुंदन कृष्णन ने जमीन खरीदीं उसी प्लॉट में एक बिट्टू सिंह की भी जमीन है. बिट्टू सिंह ने जन सुराज पार्टी से चुनाव भी लड़ा. जहाँ जहां कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी ने जमीन खरीदे हैं सभी जगह पर बिट्टू सिंह ने भी जमीन खरीदी है. सुधाकर सिंह ने कहा कि डीजी कुंदन कृष्णन ने अपने ब्लैक मनी से बिट्टू सिंह के नाम पर जमीन खरीदी है.
मात्र 20 प्रतिशत का खुलासा
उन्होंने दावा किया कि आज मैं कुल अवैध सम्पत्ति का मात्र 20 प्रतिशत ही घोषणा कर रहा हूं क्योंकि मुझे मानहानि का मुकदमा भी लड़ना होगा. सुधाकर सिंह ने कहा कि कुंदन कृष्णन ने अपने नाम पर करीब डेढ़ सौ करोड़ मूल्य की सम्पत्ति खरीदी तो बिट्टू सिंह के नाम से करीब पौने दो सौ करोड़ रुपए मूल्य की सम्पत्ति अर्जित की है. कुंदन कृष्णन ने शेयर मार्केट में भी काफी पैसा लगाया है. इसके साथ ही उन्होंने खुद ही घोषणा की है कि उनके पास हीरा समेत कई अन्य मुख्य जेवरात भी हैं लेकिन उसकी मात्रा नहीं बताई है.
सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा के साथ ही सुबह से ही मेरे घर के आसपास पुलिस की चहलकदमी बढ़ है. लगातार हूटर बजाये जा रहे हैं जबकि ये मेरी सुरक्षा के लिए नहीं हैं. मुझे कोई सुरक्षा की जरूरत नहीं है और मुझे कोई डरा नहीं सकता है. सुधाकर सिंह ने कहा कि मैने पहले भी कई बार भ्रष्टाचार के मामले में आवाज उठाई है. हमारी बात को सरकार मान रही है लेकिन अब तक किसी को दंड नहीं दी है जिसकी वजह से कोर्ट तक मै खुद ही जा रहा हूं.