पटना: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर जदयू विजयी बढ़त बनाए हुए है जबकि जन सुराज प्रत्याशी पीछे चल रहे हैं. हालांकि अभी जीत हार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन नीरज कुमार के समर्थकों ने उन्हें माला पहना कर बधाई देना शुरू कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ अब मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने हार मान ली है. अनंत सिंह ने कहा कि मतदाता बनाने का समय नहीं मिला इसलिए हमारे प्रत्याशी हार गए. उधर दूसरी तरफ नीरज कुमार जीत का दावा करते हुए जोरदार तंज कसा है.
अनंत सिंह ने स्वीकार की हार
अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह की हार स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें मतदाता बनाने का समय नहीं मिला. इस दौरान उन्होंने नीरज कुमार को बधाई देनें से इनकार कर दिया. वहीं दूसरी तरफ जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने अपनी जीत का दावा किया और अनंत सिंह पर तंज भी कसा. उन्होंने कहा कि एक बार फिर धन बल हार गया और जन बल जीत गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहां है रे गुंजन, मिठाईया ले जाओ. नीरज कुमार ने कहा कि वह लंबे समय से नीतीश कुमार के सिपाही हैं और लोगों के लिए काम कर रहे हैं. नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में उन पर ग्रहण लग गया है.
पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का कब्जा खत्म
बता दें कि पटना शिक्षक सीट पर भाजपा के 30 वर्षों का कब्जा तोड़ते हुए राजद के डॉ संजीव कुमार सिंह ने भाजपा के नवल किशोर यादव को हरा दिया है. जीत के बाद डॉ. संजीव ने इसे शिक्षक समाज की जीत बताया. उन्होंने कहा कि अधर्म पर धर्म की जीत हुई है. उन्होंने अपने परिवार और कार्यकर्ताओं के समर्थन का भी जिक्र किया. डॉ संजीव ने आरोप लगाया कि उन्हें हराने के लिए मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक लगे हुए थे. उन्होंने चुनाव में प्रशासनिक बदलाव पर भी सवाल उठाए. उनका दावा था कि इस चुनाव के लिए कमिश्नर तक को बदल दिया गया.
नीरज के विरोध में अनंत को झेलनी पड़ी कार्रवाई
बता दें कि पटना स्नातक सीट पर जदयू से विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार का जोरदार विरोध किया और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया. उन्होंने अनुज सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया था और लगातार नीरज कुमार के विरुद्ध बयानबाजी भी करते रहे. मतदान के बाद जदयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से बाहर कर दिया और अब उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी अनुशंसा की है.