पटना (PATNA):बिहार पूरी तरह से शराबबंदी वाला राज्य है, लेकिन इसका प्रभाव उतना देखने को नहीं मिलता है. वहीं, जब से सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार की कमान संभाली है, तब से वह लगातार नए-नए ऐलान कर रहे हैं. साथ ही पहले से लागू कानून और योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी क्रम में सीएम ने बिहार के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत पटना के लोक भवन में 'नशा मुक्ति युवा विकसित भारत संकल्प अभियान' कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.
राज्य में कई लोग चोरी-छिपे शराब का सेवन भी करते है
वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि बिहार के लोग पूजा के बहाने दूसरे राज्यों में जाते हैं, जबकि राज्य में कई लोग चोरी-छिपे शराब का सेवन भी करते है.बिहार में शराबबंदी कानून को सफल बनाने और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से 'नशा मुक्ति युवा विकसित भारत संकल्प अभियान' कार्यक्रम का आयोजन पटना के लोक भवन में किया गया. इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में बच्चे शामिल हुए. मुख्यमंत्री और राज्यपाल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
शराब बंदी कानून पर खुलकर बोले सीएम सम्राट चौधरी
इस मौके पर सम्राट चौधरी ने बिहार में शराबबंदी कानून के हालात पर बयान देते हुए कहा, "मुझे मालूम है कि आजकल बिहार के लोग ज्यादा पूजा करते हैं. देवघर जाते हैं, बनारस जाते हैं, कुशीनगर जाते हैं." सम्राट चौधरी ने इन जगहों का नाम इसलिए लिया क्योंकि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, जबकि इन स्थानों पर ऐसा कानून नहीं है. उनका कहना था कि कुछ लोग पूजा के नाम पर इन जगहों पर शराब पीने जाते है.इसके बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन लोग छिपकर शराब पीते हैं. उन्होंने माना कि बिहार में शराब उपलब्ध हो रही है, लेकिन उनका कहना है कि इस कानून से बिहार के लोगों को फायदा भी हुआ है.
