पटना(PATNA):पटना में रविवार को समाज कल्याण विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की. इस बैठक में राज्य में चल रही सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उनके बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए.मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग की एक हाई लेवल मीटिंग की और साफ कहा कि सरकार की योजनाएं हर हाल में सही समय पर लोगों तक पहुंचनी चाहिए.
सुरक्षा पेंशन को लेकर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर सख्त निर्देश दिए.उन्होंने कहा कि हर महीने की 10 तारीख तक हर लाभार्थी के खाते में पैसा पहुंच जाना चाहिए, इसमें किसी भी तरह की देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी.इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब आंगनबाड़ी सेवाओं की निगरानी टेक्नोलॉजी के जरिए की जाएगी ताकि काम में कोई गड़बड़ी न हो.सभी सेविका और सहायिका की उपस्थिति अनिवार्य होगी और बच्चों की 100% अटेंडेंस भी सुनिश्चित करनी होगी.
आंगनबाड़ी केंद्र अच्छे से चलेंगे तो बच्चों का विकास भी बेहतर होगा
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर आंगनबाड़ी केंद्र अच्छे से चलेंगे तो बच्चों का विकास भी बेहतर होगा. राज्य में बच्चों में कुपोषण (स्टंटिंग और वेस्टिंग) की समस्या को कम करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि परवरिश योजना समेत सभी सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को फायदा मिल सके. जरूरत पड़ने पर योजनाओं के लाभ की राशि की भी समीक्षा की जाए.
सभी योजनाओं का सही तरीके से, लागू होना जरूरी
इसके अलावा उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग में जो भी खाली पद हैं, उन्हें जल्द भरा जाए.आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) का भी सहयोग लिया जाए.मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सभी योजनाओं का सही तरीके से, पारदर्शिता के साथ और समय पर लागू होना जरूरी है ताकि गरीब और कमजोर वर्ग को पूरा फायदा मिल सके.बैठक में कई बड़े अधिकारी और मंत्री मौजूद थे, जिन्होंने विभाग की चल रही योजनाओं की जानकारी भी दी.
