Bihar

बिहार में बाढ़ से 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, राहत कार्य तेज, 1.21 लाख लोगों को मिला भोजन

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

पटना (PATNA): बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है. स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं. इन क्षेत्रों में लगभग 10.26 लाख की आबादी प्रभावित हुई है.

भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए विभिन्न जिलों में 38 सामुदायिक रसोई केंद्र चलाए जा रहे हैं. इनके माध्यम से अब तक करीब 1.21 लाख लोगों को भोजन की थाली उपलब्ध कराई गई है. इसके अलावा लगभग 12 हजार पॉलीथीन शीट और 2300 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने के लिए 50 चिकित्सा शिविर और 19 बोट एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं. पशुओं के उपचार के लिए 36 पशु चिकित्सा शिविर भी बनाए गए हैं. वैशाली में संचालित राहत शिविर में करीब 326 लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है.

आवागमन के लिए 858 नावों का संचालन

जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने और उनके आवागमन के लिए 858 नावों को लगाया गया है. राहत एवं बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए NDRF की 7 और SDRF की 27 टीमों की तैनाती अलग-अलग प्रभावित जिलों में की गई है.पटना के गांधीघाट, बंका घाट और पंडारक में गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है. वहीं गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. सारण के त्रिलोकचक में माही नदी का करीब 20 मीटर तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद SDRF को मौके पर भेजा गया है.वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का जलस्राव 1.26 लाख क्यूसेक, बीरपुर बराज पर कोसी का 1.77 लाख और इन्द्रपुरी बराज पर सोन का 3.07 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है.

पटना में जल निकासी के विशेष इंतजाम

बारिश के दौरान पटना में जलजमाव कम करने के लिए सभी 56 डीपीएस चालू रखे गए हैं. नगर निगम के छह अंचलों में 94 अतिरिक्त पंप भी जल निकासी में लगाए गए हैं. छोटे नालों में गंगा का पानी वापस आने से रोकने के लिए 13 स्थानों पर स्लूस गेट बंद किए गए हैं.मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए संबंधित विभाग स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं. किसी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है.

TagsBihar