पटना (PATNA) : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है. पहले दो दिनों की तरह आज भी सदन के अंदर और बाहर हंगामे के आसार हैं. विपक्ष नीट परीक्षा मामले के साथ-साथ कई जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है. विधानसभा परिसर के बाहर विपक्षी दल प्रदर्शन करेंगे, जबकि सदन के अंदर भी सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे.
प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत
आज की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी. इसमें विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल सदस्यों द्वारा पूछे जाएंगे, जिनका जवाब संबंधित विभागों के मंत्री देंगे। इसके बाद शून्यकाल होगा, जिसमें विधायक अपने-अपने क्षेत्र और जनहित से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में उठाएंगे.
शून्यकाल के बाद ध्यानाकर्षण के तहत भी कई महत्वपूर्ण मामलों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया जाएगा. विपक्ष का प्रयास रहेगा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब लिया जाए. वहीं सत्ता पक्ष सरकार की योजनाओं और कार्यों का पक्ष रखेगा.
कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी
दिन के दूसरे सत्र में राजकीय कार्य होंगे. इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी. इन विधेयकों पर चर्चा होने के साथ-साथ उन्हें पारित कराने की भी कोशिश की जाएगी। विपक्ष इन विधेयकों पर अपनी राय रखेगा और जरूरत पड़ने पर संशोधन की मांग भी कर सकता है.
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला आज भी विपक्ष के निशाने पर रहेगा. इसके अलावा कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है. ऐसे में सदन की कार्यवाही के दौरान नारेबाजी, विरोध और हंगामे की संभावना बनी हुई है.
सरकार की ओर से विपक्ष के सवालों का जवाब देने और विधायी कार्यों को सुचारु रूप से पूरा कराने की तैयारी है. वहीं विपक्ष का कहना है कि जब तक जनता से जुड़े मुद्दों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा.
तीसरा दिन राजनीतिक रूप से काफी अहम
कुल मिलाकर बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। एक ओर सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, तो दूसरी ओर विपक्ष जनहित और नीट जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखने का प्रयास करेगा. सदन की कार्यवाही एक बार फिर हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है.
