पटना (PATNA) : बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली करने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले पूर्व विधायक भोला यादव ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है.
2006 का वह रजिस्टर मांगा
भोला यादव ने कहा कि सरकारी आवास को भवन निर्माण विभाग को सौंपने से पहले वर्ष 2006 का वह रजिस्टर दिखाया जाना चाहिए, जिसमें आवास आवंटित करते समय दिए गए सामान का पूरा विवरण दर्ज हो. उनका कहना है कि जब सरकार ने यह आवास दिया था तब एक रजिस्टर के आधार पर सभी सामान की सूची तैयार की गई थी. अब उसी रिकॉर्ड के आधार पर मिलान होना चाहिए.
सरकार को हैंडओवर किया जाएगा
उन्होंने कहा कि भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों से स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि पहले वह रजिस्टर लेकर आएं. रजिस्टर देखने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि कौन-कौन सा सामान विभाग की ओर से दिया गया था और उसकी स्थिति क्या है. इसके बाद ही आवास को औपचारिक रूप से सरकार को हैंडओवर किया जाएगा.
पुराने रिकॉर्ड का सामने आना जरूरी
भोला यादव ने आशंका जताते हुए कहा कि यदि बिना रजिस्टर के आवास का हस्तांतरण किया गया तो बाद में किसी भी तरह का विवाद खड़ा हो सकता है. उन्होंने कहा कि बिना रिकॉर्ड के प्रक्रिया पूरी करने से गलतफहमी या बेईमानी की संभावना बनी रहेगी. इसलिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुराने रिकॉर्ड का सामने आना जरूरी है.
2006 के रजिस्टर का इंतजार
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल सभी लोग वर्ष 2006 के उस रजिस्टर का इंतजार कर रहे हैं. जब तक वह रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक आवास खाली करने और सरकार को सौंपने की प्रक्रिया पूरी होना मुश्किल दिखाई देता है.
नया राजनीतिक मोड़
गौरतलब है कि राबड़ी आवास खाली करने की प्रक्रिया पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है. इस बीच भोला यादव के इस बयान ने पूरे मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है. अब सबकी नजर भवन निर्माण विभाग की अगली कार्रवाई और रजिस्टर उपलब्ध कराने पर टिकी हुई है.
