Bihar

प्रशासनिक तंत्र पर भरोसा नहीं! भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा परिवार

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
प्रशासनिक तंत्र पर भरोसा नहीं! भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा परिवार

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार के भोजपुर जिले में हुए भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे है एक तरफ जहां भोजपुर के लोग इस एनकाउंटर को गलत ठहराते हुए विरोध कर रहे हैं, तो वहीं अब भरत तिवारी के परिवार वाले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे है. परिवार वालों का कहना है कि श्राद्ध पूरा होने के बाद अब हाई कोर्ट जाएंगे.

पढ़े मामले पर भरत तिवारी के भाभी ने क्या कहा

मामले में भरत भूषण तिवारी की भाभी सुमन देवी ने एनकाउंटर को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है. उन्होंने कहा है कि उनके देवर भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या की गई है.यह पहले से सोची-समझी साजिश थी, जिसमें उनके देवर को गोली मारी गई. सुमन देवी का कहना है कि उनके देवर के पास कई महत्वपूर्ण तथ्य और सबूत थे, जिसकी वजह से प्रशासन ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई और उनकी हत्या कर दी.

प्रशासनिक तंत्र पर भरोसा नहीं

भारत भूषण तिवारी की भाभी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि पुलिस ने शुरुआत में तीन गोलियां लगने की बात कही थी, जबकि रिपोर्ट में पांच गोलियां लगने की पुष्टि हुई है.सुमन देवी का आरोप है कि घटनास्थल पर उनकी सास भी मौजूद थी और उन्होंने अपने बेटे पर तीन गोलियां चलते हुए देखी थी. परिजनों का साफ कहना है कि यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है, जिसको लेकर अब वे न्याय की गुहार लगा रहे है. परिजनों की मांग है कि इस मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त जज से नहीं, बल्कि हाई कोर्ट के कार्यरत जज की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि इस मामले की जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित तरीके से हो सके.परिजनों ने साफ कहा है कि उन्हें प्रशासनिक तंत्र पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है.

पढिए क्या है परिजनों का आरोप

भरत तिवारी के परिजनों का कहना है कि वे लगातार प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे है. उनके मुताबिक घटना के 10 दिन बाद भी किसी तरह की कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.भरत तिवारी का श्राद्ध 30 जून को पूरा हो जाएगा, जिसके एक-दो दिन के भीतर वे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे.