बाढ़ (PATNA) : सावन माह के शुभारंभ के अवसर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार बाढ़ के प्रसिद्ध बाबा उमानाथ मंदिर पहुंचे. उत्तरायण गंगा तट पर स्थित यह मंदिर "बिहार की काशी" के नाम से भी प्रसिद्ध है. यहां उन्होंने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर राज्य और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की.
स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया
इस दौरान उनके साथ बाढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार ज्ञानू भी मौजूद रहे. मंदिर परिसर में पहुंचते ही जदयू कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. पूजा के बाद नीतीश कुमार ने मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से इसकी जानकारी ली.
निरीक्षण के दौरान अलग अंदाज भी देखने को मिला
निरीक्षण के दौरान उनका अलग अंदाज भी देखने को मिला. जदयू नेता डॉ. कौशलेंद्र ने उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया. नीतीश कुमार ने मुस्कुराते हुए वही अंगवस्त्र डॉ. कौशलेंद्र को ही ओढ़ा दिया और मजाकिया अंदाज में उसे नीचे खींच लिया. उनके इस व्यवहार को देखकर आसपास मौजूद लोग हैरान होने के साथ मुस्कुरा भी उठे.
अनोखी शैली ने ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया
इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों ने कुछ लोगों को वीडियो बनाने से भी रोका. पूजा-अर्चना और निरीक्षण के बाद नीतीश कुमार ने पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार ज्ञानू को पीछे से दोनों हाथों से पकड़ लिया और कुछ दूर तक उनके पीछे-पीछे चलते रहे. उनकी इस सहज और अनोखी शैली ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया.
पहले दिन पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व
करीब 20 मिनट तक मंदिर परिसर और विकास कार्यों का जायजा लेने के बाद नीतीश कुमार पटना के लिए रवाना हो गए. सावन के पहले दिन बाबा उमानाथ मंदिर में उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और जदयू कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला. स्थानीय लोगों का मानना है कि बिहार की काशी कहे जाने वाले इस ऐतिहासिक शिव मंदिर में सावन के पहले दिन पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है.
