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नितिन नवीन ने बदले राज्यों के प्रभारी, विनोद तावड़े को यूपी की कमान, चुनावी राज्यों पर BJP का फोकस

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने नई राष्ट्रीय समिति के गठन के बाद अब राज्य के संगठनात्मक प्रभार में भी बदलाव किया है. अलग-अलग राज्यों के लिए नए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए गए हैं. सभी राज्यों में सबसे ज्यादा बदलाव उत्तर प्रदेश को लेकर किया गया है, जहां बिहार बीजेपी के प्रभारी रहे विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है. वहीं, राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है. आपको बता दें कि इन सभी बदलावों को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है और इसे चुनावी तैयारियों के तौर पर भी देखा जा रहा है. बीजेपी अभी से ही आने वाले चुनाव को लेकर काम कर रही है और अपने संगठन को और अधिक मजबूती देने के लिए और अपनी राजनीति को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए वरिष्ठ नेताओं को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं, ताकि इसका रिजल्ट धरातल पर उतर सके और चुनाव में इसका फायदा मिले.

यूपी के प्रभारी बन गए विनोद तावड़े

आपको बता दें कि बीजेपी की ओर से सबसे अहम बदलाव बिहार के प्रभारी को लेकर हुआ है, जहां विनोद तावड़े अब तक बिहार बीजेपी के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, तो वहीं अब उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है. आपको बता दें कि विनोद तावड़े फिलहाल पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद हैं. लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी को संगठनात्मक रूप से और बढ़ा दिया गया है. उन्हें देश के सबसे बड़े राजनीतिक राज्य उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है, जहां सबसे अधिक सीटें हैं. वहां कहा जाता है कि जहां उत्तर प्रदेश को जिसने जीत लिया, वह पूरा देश जीत सकता है. खासकर लोकसभा चुनाव में इसका असर सीधे तौर पर देखने को मिलता है.

विशेष फोकस पर चुनावी राज्य

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने बड़ा बदलाव किया है, जहां प्रदेश को जीतने के लिए पार्टी के सामने बड़ी चुनौती है. ऐसे में संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्थिति को सही तरीके से समझना जरूरी है. इसी को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय और चुनावी रणनीति को बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए तावड़े की भूमिका को आगे बढ़ाया गया है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के लिए बीजेपी ने केवल प्रभारी नहीं, बल्कि सह प्रभारी की भी जिम्मेदारी तय की है, जहां राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया है. अब दोनों मिलकर पार्टी के कामकाज और चुनावी रणनीतियों की तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे. आपको बता दें कि बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम है. लोकसभा चुनाव के बाद अब राज्य में होने वाले चुनाव में पार्टी को संगठनात्मक रूप से मजबूती देने को लेकर ये बदलाव अहम माना जा रहा है.

पंजाब के प्रभारी में भी बदलाव

आपको बता दें कि बीजेपी ने पंजाब के लिए भी नए प्रभारी की नियुक्ति की है, जहां राष्ट्रीय मंत्री डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है. पिछले कई सालों से बीजेपी की ओर से पंजाब में संगठनात्मक रूप से मजबूत बनने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में सतीश पूनिया को राज्य की जिम्मेदारी देना पार्टी के लिए चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. अब पंजाब में भी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूती और कार्यकर्ताओं में समन्वय पर जोर दिया जा रहा है. वहीं, बीजेपी ने गुजरात में भी नए प्रभारी की नियुक्ति की है, जहां पार्टी की सांसद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राधिका रूढ़ को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है. आपको बता दें कि गुजरात में बीजेपी की काफी मजबूत पकड़ है. इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठन को मजबूत करने और आगे की राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयारी करने पर जोर दिया जा रहा है.नितिन नबीन के BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर बदलाव का दौर जारी है. नई राष्ट्रीय कमेटी के गठन के बाद अब राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्तियां की गई हैं.

अगामी चुनाव को लेकर बीजेपी की बड़ी राजनीति

इन नियुक्तियों में चुनावी राज्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई है. उत्तर प्रदेश और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि गुजरात जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक राज्य में भी नया प्रभारी नियुक्त किया गया है.BJP की नई नियुक्तियों से साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर दी है. प्रभारी आमतौर पर राज्य संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं. वे चुनावी रणनीति, संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को जमीन पर लागू कराने में अहम भूमिका निभाते हैं.उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह पहले बिहार जैसे बड़े राजनीतिक राज्य की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. अब उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे बेहद महत्वपूर्ण राज्य की कमान दी गई है.

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