Bihar

बांकीपुर में नया बवाल: हलफनामे पर हंगामा! इंटर की डिग्री गायब, बीजेपी प्रत्याशी पर RJD का वार

Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor
बांकीपुर में नया बवाल: हलफनामे पर हंगामा! इंटर की डिग्री गायब, बीजेपी प्रत्याशी पर RJD का वार

पटना (PATNA) ; बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. इस बार विवाद उनके चुनावी हलफनामे को लेकर है. आरजेडी ने आरोप लगाया है कि नीरज सिन्हा ने अपने शपथ पत्र में शैक्षणिक योग्यता की पूरी जानकारी नहीं दी है. पार्टी का दावा है कि हलफनामे में 10वीं और ग्रेजुएशन का जिक्र तो है, लेकिन इंटरमीडिएट की पढ़ाई का कोई उल्लेख नहीं किया गया है.

पूरी जानकारी हलफनामे में देनी चाहिए

आरजेडी का कहना है कि अगर कोई उम्मीदवार स्नातक होने का दावा करता है तो उसे 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की पूरी जानकारी हलफनामे में देनी चाहिए. पार्टी ने सवाल उठाया है कि आखिर इंटरमीडिएट की जानकारी क्यों नहीं दी गई. आरजेडी ने इस मामले की जांच कराने, नामांकन रद्द करने और जरूरत पड़ने पर अदालत जाने की चेतावनी भी दी है.

नियमों के अनुसार जमा किए गए हैं सभी दस्तावेज

हालांकि, निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच पहले ही पूरी कर चुके हैं और नीरज सिन्हा का नामांकन वैध घोषित किया जा चुका है. ऐसे में अब यह विवाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई का रूप ले सकता है. वहीं, बीजेपी ने आरजेडी के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है. पार्टी का कहना है कि सभी दस्तावेज चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार जमा किए गए हैं.

विपक्ष ने तब सवाल उठाया था

यह पहला मौका नहीं है जब नीरज सिन्हा के दस्तावेजों पर सवाल उठे हों. इससे पहले उनके बायोडाटा में जन्म वर्ष 1994 दर्ज होने और बीजेपी की सक्रिय सदस्यता वर्ष 2006 से बताए जाने पर भी विवाद हुआ था. विपक्ष ने तब सवाल उठाया था कि क्या 12 साल की उम्र में कोई सक्रिय सदस्य बन सकता है या फिर दस्तावेजों में कोई गलती है.

फिलहाल नामांकन वैध है, लेकिन विपक्ष के आरोपों ने बांकीपुर उपचुनाव में सियासी माहौल को और गरमा दिया है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह मामला केवल चुनावी बयानबाजी तक सीमित रहता है या फिर अदालत तक पहुंचता है.