पटना (PATNA) : बिहार में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4700 दोपहिया वाहनों का लोकार्पण किया. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने बाइक और स्कूटी पर सवार अभया ब्रिगेड को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया. इन वाहनों के जरिए महिला पुलिसकर्मी स्कूल, कॉलेज और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर सकेंगी. सरकार का उद्देश्य निगरानी बढ़ाने के साथ किसी आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना है.
महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. योजनाओं की घोषणा के साथ उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि उनका लाभ सीधे जरूरतमंद महिलाओं और बेटियों तक पहुंचे.कार्यक्रम के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी. इस दौरान मुख्यमंत्री और महिला पुलिसकर्मियों के बीच भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा आत्मीय संवाद देखने को मिला.
पीएचडी छात्राओं को हर महीने 10 हजार रुपये
उच्च शिक्षा और शोध में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना शुरू की गई है. इसके तहत 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है. इस राशि से शोधार्थी छात्राओं को पढ़ाई और रिसर्च से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी.
स्टार्टअप के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता
बेटियों को उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ भी शुरू की गई है. इसके तहत अपना स्टार्टअप शुरू करने वाली बेटियों को 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. योजना का उद्देश्य युवा महिलाओं को अपने कारोबारी विचारों को वास्तविक व्यवसाय में बदलने के लिए शुरुआती सहयोग उपलब्ध कराना है.
तीन वर्षों में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अगले तीन वर्षों में एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य भी रखा है. सरकार का फोकस महिलाओं की सुरक्षा के साथ उन्हें शिक्षा, शोध, स्वरोजगार और उद्यमिता के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है. रक्षाबंधन से पहले सामने आई इन पहलों के जरिए सरकार ने महिला सुरक्षा से लेकर उच्च शिक्षा और रोजगार तक कई क्षेत्रों पर एक साथ जोर दिया है.
