Bihar

PMCH में डॉक्टरों के लिए नया आदेश, सुबह 9 से शाम 5 बजे तक रहना होगा मौजूद, इमरजेंसी और आयुष्मान सेवाओं पर भी सख्ती

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
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पटना (PATNA) : पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को और सख्त करने का फैसला किया है. डॉक्टरों की मौजूदगी से लेकर इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की निगरानी तक नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

सुबह 9 से शाम 5 बजे तक डॉक्टरों की मौजूदगी जरूरी

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के मुताबिक पीएमसीएच में कार्यरत डॉक्टरों को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के निर्धारित मानकों के अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में उपस्थित रहना होगा. इसका उद्देश्य मरीजों को निर्धारित समय पर डॉक्टर उपलब्ध कराना और इलाज में होने वाली देरी को कम करना है.

अधिकारियों ने किया अस्पताल का औचक निरीक्षण

स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, विशेष सचिव अरविन्द वर्मा और बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत सेन ने पीएमसीएच का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के साथ अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और मरीजों से संबंधित सुविधाओं की समीक्षा की गई.इमरजेंसी वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों की बेहतर निगरानी के लिए डॉक्टरों को रोजाना कम से कम दो बार राउंड करने का निर्देश दिया गया है. राउंड के दौरान मरीजों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर जरूरत के मुताबिक इलाज में बदलाव किया जाएगा.

डॉक्टरों के खाली पदों की मांगी गई जानकारी

पीएमसीएच में डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में भी स्वास्थ्य विभाग ने कदम बढ़ाया है. अस्पताल अधीक्षक को डॉक्टरों के सभी रिक्त पदों की अधियाचना तत्काल विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है. इससे भविष्य में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है.निरीक्षण के दौरान नए ओपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर और दवा वितरण केंद्र के निर्माण की प्रगति भी देखी गई. एलएंडटी और बीएमएसआइसीएल के अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा और तय समय सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.

आयुष्मान मरीजों की मदद करेंगे आयुष्मान मित्र

आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की सहायता के लिए पीएमसीएच में प्रशिक्षित आयुष्मान मित्रों को तैनात करने की तैयारी है. वे मरीजों को योजना की प्रक्रिया समझाने और जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद करेंगे. डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए आयुष्मान भारत के तकनीकी पहलुओं पर विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी. वहीं, दवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाए रखने के लिए अमृत फार्मा के साथ समन्वय मजबूत करने का निर्देश दिया गया है. इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य पीएमसीएच में इलाज को अधिक व्यवस्थित और मरीजों के लिए सुविधाजनक बनाना है.

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