पटना (PATNA): बिहार की राजधानी पटना के तारामंडल में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘National Innovation Challenge’ पोर्टल का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य सरकार के मंत्री शिवचंद्र राम और सांसद संजय जायसवाल समेत अन्य नेता एवं गणमान्य लोग शामिल हुए.
विकसित भारत 2047 के संकल्प से युवाओं को जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सेवा का उद्देश्य लोगों के लिए काम करना है, जबकि संकल्प भविष्य की दिशा तय करता है. उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि नई पहल और तकनीक को आम लोगों से जोड़ने का लगातार प्रयास किया गया है. उन्होंने युवाओं से संवाद और जनभागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया.
डिजिटल ट्रांजैक्शन से सीधे लाभार्थियों तक मदद
सम्राट चौधरी ने बिहार में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी गई आर्थिक सहायता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि करीब नौ लाख परिवारों तक आर्थिक सहयोग सीधे बैंक खातों के माध्यम से पहुंचाया गया. सरकार के पास बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का डेटा होने से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिली. उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट और डिजिटल भुगतान व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम होती है और लाभार्थियों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में सुविधा मिलती है. मुख्यमंत्री ने यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल का भी उल्लेख किया और इसे डिजिटल व्यवस्था में आए बड़े बदलाव से जोड़ा.
बिहार की आर्थिक स्थिति में बदलाव का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बिहार की पुरानी आर्थिक स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि झारखंड के अलग होने के बाद राज्य को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था. खनिज संसाधन, औद्योगिक इकाइयों और राजस्व के बड़े स्रोत झारखंड के हिस्से में चले गए थे. उन्होंने वर्ष 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बिहार दौरे और राज्य के लिए विशेष आर्थिक सहायता की घोषणा का भी उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर और आज के बिहार के बीच बड़ा बदलाव आया है तथा राज्य लगातार विकास और तकनीक आधारित व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
