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बिहार: पटना में नल-जल कर्मियों का हल्लाबोल, CM आवास की ओर बढ़े तो JP गोलंबर पर पुलिस ने रोका

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

पटना (PATNA): बिहार में हर घर नल से जल योजना से जुड़े कर्मियों का आंदोलन पटना की सड़कों पर देखने को मिल रहा है. लंबे समय से मानदेय और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया है.

22 दिनों से गर्दनीबाग में चल रहा था धरना

प्रदर्शनकारी कर्मियों के मुताबिक, वे पिछले 22 दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर धरना दे रहे थे. मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के बाद कर्मियों ने आंदोलन तेज करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने का फैसला किया. कर्मियों का दावा है कि वे वर्ष 2017 से नल जल योजना के संचालन से जुड़े विभिन्न कार्य कर रहे हैं. इसमें बोरिंग और ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने जैसे काम शामिल हैं. उनका आरोप है कि लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

18 हजार रुपये मासिक मानदेय की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति माह करने की है. इसके अलावा कर्मी पुराने बकाया मानदेय के भुगतान और प्रत्येक महीने तय समय पर राशि दिए जाने की मांग कर रहे हैं. कर्मियों का कहना है कि भुगतान की व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए. उनकी मांग है कि बीच की व्यवस्था और बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर मानदेय की राशि सीधे संबंधित कर्मियों के बैंक खातों में भेजी जाए. इसके साथ ही योजना में कार्यरत कर्मियों के लिए स्थायी और स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई गई है.

जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका मार्च

गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने रोक दिया. सुरक्षा को देखते हुए इलाके में बैरिकेडिंग की गई. मौके पर दंगा नियंत्रण बल के जवानों के साथ वाटर कैनन वाहन भी तैनात किए गए. आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे.

सरकार के अगले कदम पर नजर

गर्दनीबाग में कई दिनों से जारी आंदोलन के बाद नल जल योजना कर्मियों ने अब अपना विरोध सड़क तक पहुंचा दिया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस फैसला होने तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे. अब निगाह इस बात पर है कि कर्मियों के मानदेय, बकाया भुगतान और अन्य मांगों को लेकर सरकार की ओर से क्या पहल की जाती है.

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