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तेजी से औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा बिहार, 68 हजार रोजगार होगा सृजित, सीएम सम्राट कल करेंगे शुभारंभ

Manjesh Kumar Patna
Manjesh Kumar Patna
Senior News Publisher • TheNewsPost.in

पटना: देशभर में बिहार तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है. 2025 से अब तक यहां 1 लाख 21 हजार 863 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 1 हजार 91 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इनसे 68 हजार 807 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने जा रहे हैं. पात्र निवेशकों को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईपीपी) के तहत मुफ्त भूमि भी दी जा रही है. यह जानकारी उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने शुक्रवार सूचना भवन के सभागार में आयोजित विभागीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी. उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार निवेशक अनुकूल नीतियों, बुनियादी ढांचे के विस्तार, भूमि की उपलब्धता, एमएसएमई को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है.

14 हजार 600 एकड़ नई औद्योगिक भूमि तैयार

मंत्री ने बताया कि बिहार के विभिन्न हिस्सों में उद्योगों के लिए 14 हजार 600 एकड़ से अधिक नई औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने पर काम चल रहा है. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 25 जिलों में 28 जगहों पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है. बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से अबतक 521 इकाइयों को 727 एकड़ भूमि आवंटित की है. इससे 18 हजार 380 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 49 हजार 167 नए रोजगार के अवसर बनेंगे.

32 लाख वर्ग फीट प्लग एंड प्ले की सुविधा

राज्य में 94 औद्योगिक क्षेत्रों का नेटवर्क विकसित किया गया है। उद्यमियों के लिए तुरंत काम शुरू करने के उद्देशय से 32 लाख वर्ग फुट से अधिक प्लग एंड प्ले संरचना मौजूद है. इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का ध्यान रखा गया है.

डोभी में सीएम करेंगे मैन्युफैक्चरिंग सिटी के पोर्टल का शुभारंभ

मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार 24 अक्टूबर को गयाजी के डोभी में 1,670 एकड़ में बनने वाले बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) के वेब पोर्टल के साथ ही परियोजना का शुभारंभ करेंगे. इसके बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी. देशभर में 14 स्थानों पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी बनाने की योजना है, जिसमें बिहार में तेजी से काम कर रहा है. विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि इस परियोजना में विनिर्माण के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह मिलेगी, जिससे यह एक औद्योगिक शहर के तौर पर विकसित होगा. यहां प्रदूषण नियंत्रण के लिए साझा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) भी होगा. इससे बिहार के औ‌द्योगिक परिदृश्य को नई दिशा मिलेगी.

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी की ओर कदम

मंत्री ने आगे कहा कि बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के जरिए राज्य में उच्च तकनीक वाले उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है. पटना में 171 करोड़ रुपये के निवेश से 15 एकड़ में एक नया प्रौद्योगिकी केंद्र बनाया जा रहा है. साथ ही राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी विकसित करने का प्रस्ताव भी जल्द कैबिनेट को भेजा जाएगा. इस मौके पर हथकरघा और रेशम निदेशक डॉ विद्यानंद सिंह एवं एमएसएमई निदेशक अमन समीर भी मौजूद थे.

उद्यमी और स्टार्टअप योजनाओं में प्रगति

  • मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 6 उप-योजनाओं में 4,075 लाभार्थियों को 3,414 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि दी गई है.
  • बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत 71,740 लाभार्थियों को 581 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं.
  • स्टार्टअप बिहार के तहत 1,762 स्टार्टअप पंजीकृत हैं और 103 करोड़ रुपये की फंडिंग दी गई है.
  • राज्य में 22 इन्क्यूबेशन सेंटर, 47 स्टार्टअप सेल और तीन बी-हब को-वर्किंग स्पेस बनाए गए हैं. इस व्यवस्था से नए उद्यमियों को मार्गदर्शन, नेटवर्किंग, कार्यस्थल और वित्तीय सहायता मिल रही है.
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