Bihar

बिहार के कारखानों को मिलेगी बड़ी राहत ,"इंस्पेक्टर राज" का होगा खात्मा, क्या है पूरी योजना 

Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist
बिहार के कारखानों को मिलेगी बड़ी राहत ,"इंस्पेक्टर राज" का होगा खात्मा, क्या है पूरी योजना 

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार में रजिस्टर्ड कारखानो  की संख्या 7952 है. 20 से अधिक कर्मियों वाले कारखानों की संख्या 2000 है. इनमें से 120 कारखाने को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है. सम्राट चौधरी की सरकार ने कारखानो को बड़ी राहत देने की योजना तैयार कर ली है. फैक्ट्री में "इंस्पेक्टर राज" को पूरी तरह से समाप्त करने की तैयारी है. औचक निरीक्षण पर अब रोक रहेगी. सरकार चाहती है कि इससे संभंधित सभी कामों को ऑनलाइन पोर्टल पर लाया जाए, भ्रष्टाचार पर अंकुश  लगाने का यह बड़ा प्रयास हो सकता है. 

विभाग से नामित अधिकारी ही कारखाने का निरीक्षण करेंगें
 
नई योजना के अनुसार अधिकारी किसी कारखाने का औचक निरीक्षण नहीं कर सकेंगे. अब विभाग की ओर से नामित अधिकारी ही कारखाने का निरीक्षण करेंगें. निरीक्षण के पहले कारखाना संचालकों को निरीक्षण की तिथि की जानकारी होगी. जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन रहेगी. सूत्रों के अनुसार बिहार में सामाजिक सुरक्षा नियमावली 2026 लागू की गई है. इसके तहत न केवल कामगारों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि कारखाना संचालकों को भी इंस्पेक्टर राज से मुक्ति मिलेगी. अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी. 

सभी गतिविधियां ऑनलाइन ही जांच की जा सकेगी

कारखाने से जुड़ी सभी गतिविधियां ऑनलाइन ही जांच की जा सकेगी. मसलन कर्मियों को वेतन मिला या नहीं, सुरक्षा की क्या स्थिति है, पीएफ कट रहा है अथवा नहीं, निरीक्षण के तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करनी होगी ताकि मुख्यालय के अधिकारी उसे देख संकें. अगर कोई कमी निकली तो ऑनलाइन ही उसे सुधारने का मौका दिया जाएगा. कंपनी ने अपनी गलती सुधारी या नहीं, अब यह ऑनलाइन रहेगा. सुधार होने पर और उसकी रिपोर्ट अपलोड करने पर इंस्पेक्टर कारखाने की जांच नहीं कर सकेंगे. कोई परेशानी होने पर कामगार ऑनलाइन ही शिकायत कर सकेंगें.