पटना (PATNA): भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच बिहार सरकार ने अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है कि अब काम में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने पेयजल संकट, किसान पंजीकरण, सीमावर्ती सुरक्षा और ज्ञान भारतम सर्वेक्षण जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया.
15 जून तक सभी खराब चापाकाल चालू करने का निर्देश
बैठक में सबसे अधिक जोर आम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने पर दिया गया. मुख्य सचिव ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को निर्देश दिया कि राज्यभर में खराब पड़े सभी चापाकालों को 15 जून तक हर हाल में ठीक कर दिया जाए. उन्होंने इस अभियान को मिशन मोड में चलाने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मानव संसाधन तैनात करने को कहा.
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से दक्षिण बिहार के जिलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, जहां गर्मी के मौसम में जलस्तर गिरने की आशंका अधिक रहती है. साथ ही कार्यपालक अभियंताओं को कार्यालयों में बैठने के बजाय सीधे फील्ड में जाकर कार्यों की निगरानी करने को कहा गया. अभियान की नियमित रिपोर्ट विभागीय प्रधान सचिव को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं.
फार्मर रजिस्ट्री की धीमी रफ्तार पर नाराजगी
बैठक के दौरान ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की प्रगति पर भी चर्चा हुई. राज्य में निर्धारित 86.36 लाख किसानों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक लगभग 51.58 लाख किसानों का ही पंजीकरण हो पाया है. इस पर मुख्य सचिव ने असंतोष जताते हुए अधिकारियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सारण, जमुई, सीवान और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में लक्ष्य के मुकाबले कम उपलब्धि पर विशेष चिंता व्यक्त की गई. वहीं अररिया जिले में लंबित आवेदनों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.
नेपाल सीमा से सटे जिलों को अलर्ट रहने का आदेश
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्य सचिव ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी मजबूत रखी जाए और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
ज्ञान भारतम सर्वेक्षण में तेजी लाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने ‘ज्ञान भारतम’ सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को 15 जून की निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शेष दिनों में विशेष कार्ययोजना बनाकर सर्वेक्षण को सफल बनाया जाए. बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित से जुड़ी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों से कागजी उपलब्धियों के बजाय धरातल पर परिणाम दिखाने पर जोर दिया.
