Bihar

ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, अब सिर्फ टेस्ट पास करना ही काफी नहीं, पूरी करनी होगी ये शर्ते

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, अब सिर्फ टेस्ट पास करना ही काफी नहीं, पूरी करनी होगी ये शर्ते

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देश में रोजाना हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली जाती है, वही कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते है. इसे देखते हुए बिहार सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बदलाव करने का फ़ैसला लिया है.यानी अब बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त, के साथ प्रशिक्षण आधारित होगी.आपको बता दें कि अब तक केवल फॉर्म भरना और परीक्षा पास करना ही काफी होता था, लेकिन अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया और मजबूत होने वाली है.

अगस्त महीने से लागू हो सकता है नया नियम

बिहार सरकार की ओर से अगस्त 2026 से केवल परीक्षा देना और उसे पास करना ही काफी नहीं होगा.अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण लेना होगा. साथ ही, प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र जमा करना भी अनिवार्य होगा.ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर इस बड़े बदलाव के पीछे बिहार सरकार का एक ही उद्देश्य है कि सड़क पर वाहन लेकर केवल वही लोग उतरें, जिन्हें ड्राइविंग की जानकारी हो और जो सुरक्षित तरीके से वाहन चलाना जानते हो. इससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी.  

मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल से ही लेनी होगी ट्रेनिंग

ड्राइविंग लाइसेंस के पहले चरण यानी लर्निंग लाइसेंस को लेकर भी सरकार ने नियम स्पष्ट कर दिए है.परिवहन विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को सबसे पहले मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण लेना होगा.इसके बाद ट्रेनिंग सर्टिफिकेट को परिवहन पोर्टल पर अपलोड करना होगा. इसके बिना किसी भी आवेदक को लर्निंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा.इसके साथ ही अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए प्रशिक्षण की अवधि भी तय कर दी गई है.

कमर्शियल,नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए प्रशिक्षण की समय तय

 कार और मोटरसाइकिल जैसे नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए कम से कम 21 दिन की ट्रेनिंग अनिवार्य होगी.वहीं, भारी और कमर्शियल वाहनों के लिए 30 दिन का प्रशिक्षण निर्धारित किया गया है.इस प्रशिक्षण के दौरान आवेदकों को सड़क संकेतों की जानकारी, यातायात नियम, लेन अनुशासन, सुरक्षित ड्राइविंग तकनीक और विभिन्न परिस्थितियों में वाहन संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सड़क पर उतरने के बाद वे अपनी और दूसरों की जान सुरक्षित रख सकें.

ट्रेनिंग पास करने के बाद भी होगी दास्तावेजों की जांच

आपको बता दें कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी इस नए नियम के तहत केवल ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा पास कर लेना पर्याप्त नहीं होगा.परीक्षा पास करने के बाद आवेदकों को जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में जाकर अपने सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा. इसके साथ ही ट्रेनिंग सर्टिफिकेट की भी जांच की जाएगी. यदि सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तभी लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाएगा.दस्तावेज सत्यापन के दौरान यदि किसी आवेदक के दस्तावेजों में फर्जी या संदिग्ध प्रमाण पत्र पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे सजा भी हो सकती है.

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