पटना (PATNA): राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में RJD नेताओं राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को आरोप औपचारिक रूप से तय किए जाने के लिए अगली सुनवाई में 19 नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है. आज यानी शुक्रवार को अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी. साथ ही स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों को हाईकोर्ट से रोक (स्टे) नहीं मिलेगी, उन्हें अगली सुनवाई में अदालत के सामने उपस्थित होना होगा.
इधर, लालू प्रसाद यादव के वकील ने अदालत को बताया कि लालू यादव और प्रेमचंद गुप्ता की याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है. इस मामले में अगली सुनवाई 3 दिसंबर को निर्धारित है. वकील ने राबड़ी देवी की खराब तबीयत और तेजस्वी यादव की फ्लाइट में देरी को उनकी अनुपस्थिति का कारण बताया.
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में ट्रायल कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे. यह मामला IRCTC के होटल आवंटन से जुड़े कथित अनियमितताओं से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है. अब 19 नवंबर को होने वाली सुनवाई में आरोप तय करने की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है. वहीं, लालू यादव और प्रेमचंद गुप्ता की याचिकाओं पर 3 दिसंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर राजनीतिक और न्यायिक दोनों ही हलकों की नजर बनी हुई है.
बता दें, इस मामले में 10 सितंबर को ट्रायल कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपितों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया था. कुल 16 आरोपितों में से सात को अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था. अब औपचारिक आरोप तय करने और आगे की सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है.
अगर मामले की बात करे तो ED का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी स्थित IRCTC होटलों के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की गई थी. जांच एजेंसी के मुताबिक, इस प्रक्रिया में सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाया गया और इसके बदले पटना में जमीन का हस्तांतरण कथित तौर पर कम कीमत पर कराया गया. इस मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई की है. ये आरोप हैं, जिन पर अदालत में सुनवाई जारी है.
