Bihar

टेंडर का खेल-रिशु श्री IAS अधिकारियों को देते है महंगे गिफ्ट, मोबाईल से खुला नौकरशाहों का राज

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer
टेंडर का खेल-रिशु श्री IAS अधिकारियों को देते है महंगे गिफ्ट, मोबाईल से खुला नौकरशाहों का राज

पटना (PATNA): इन दिनों बिहार में रिशु श्री नाम की काफी चर्चा हो रही है और इस मामले को लेकर सियासी व प्रशासनिक हलकों में विवाद भी गहराता जा रहा है.टेंडर किंग के नाम से चर्चित रिशु श्री पर आरोप है कि उसकी पहुंच सिर्फ सरकारी टेंडरों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग तक में भी दखल रखता था.कहा जा रहा है कि वह महंगे मोबाइल, iPhone और iPad गिफ्ट करने से लेकर मोटी रकम तक पहुंचाकर अधिकारियों को प्रभावित करता था.

हलफनामे में कई गंभीर खुलासे

ED ने पटना हाईकोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कई गंभीर खुलासे किए है.एजेंसी के मुताबिक एक IAS अधिकारी ने रिशु श्री को मैसेज कर कहा था, “अरे भाई, मोबाइल बहुत अच्छा है.” आरोप है कि यह मोबाइल कुछ समय पहले रिशु श्री की ओर से गिफ्ट में दिया गया iPad और iPhone था.एक अन्य कथित WhatsApp चैट में एक IAS अधिकारी द्वारा रिशु श्री से “5 किलो आम” मांगे जाने का भी दावा किया गया है, जिसे ED ने 5 लाख रुपये नकद की मांग के रूप में संदर्भित किया है.इसके जवाब में रिशु श्री ने “जी भैया” लिखकर प्रतिक्रिया दी थी.ED का यह भी कहना है कि रिशु श्री के कई वरिष्ठ अधिकारियों से करीबी संबंध थे और इसी के जरिए उसने प्रशासनिक सिस्टम में प्रभाव बनाया.आरोप है कि वह ट्रांसफर-पोस्टिंग को प्रभावित करता था और कई अधिकारियों तथा उनके परिवारों की देश-विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाता था.

रिपोर्ट में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का भी उल्लेख

जांच में यह भी सामने आया है कि एक IAS अधिकारी के परिवार के धार्मिक अनुष्ठान के लिए रिशु श्री ने कथित तौर पर करीब 9.84 लाख रुपये एक पुजारी को दिए थे.इस मामले में IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश सागर को निलंबित किया जा चुका है, जबकि ED की रिपोर्ट में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का भी उल्लेख है.एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि कुछ कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया.ED ने यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दाखिल किया था, जिसमें रिशु श्री ने अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी.वहीं, रिशु श्री के वकीलों ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामला केवल अनुमान और अटकलों पर आधारित है.ED ने पिछले साल और इस साल की शुरुआत में छापेमारी की थी, जिसके बाद पूछताछ में कमीशन आधारित लेन-देन का भी दावा सामने आया है. फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई जारी है.