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किसानों की बल्ले-बल्ले! बिहार में इतने लाख तक का कृषि लोन हुआ सस्ता, सिर्फ 3% देना होगा ब्याज

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):बिहार सरकार की ओर से बिहार के किसानों को लेकर कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं, ताकि बिहार के किसान बिना किसी आर्थिक परेशानी और कर्ज की चिंता के खेती करें और अच्छी उपज का फायदा लें. इसी को देखते हुए बिहार के किसानों के लिए किसान से जुड़े खर्चों को कम करने को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. जहां किसानों को सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराने को लेकर नई पहल की गई है. यानी अब बिहार के किसान अगर 3 लाख रुपये तक का कृषि ऋण लेते हैं, तो उपयोग के लिए एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का अनुदान दिया जाएगा. यानी अब बिहार के किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन केवल तीन प्रतिशत ब्याज पर ही आसानी से उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिससे लाखों किसानों को फायदा होने वाला है.

पढिए किसे मिलेगा योजना का लाभ

आपको बता दें कि इस योजना का लाभ वैसे किसानों को मिलेगा, जो किसान क्रेडिट कार्ड यानी फसल ऋण और अन्य अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण लेने वाले हैं. आपको बता दें कि सरकार की ओर से इसे केवल जमीन के मालिक किसानों तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके पात्र या लाभुक वैसे किसान भी हो सकते हैं, जो दूसरे के खेत पर खेती करते हैं. मौखिक पट्टेदार और संयुक्त देयता समूह यानी JLG के सदस्य भी इसका लाभ उठा सकते हैं. आपको बता दें कि सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित समय सीमा के अंदर अपना ऋण चुकाना होगा. आपको बता दें कि सरकार की नई पहल से बिहार के लाखों किसानों को फायदा होने वाला है. अब 3 लाख के ऋण पर उन्हें केवल तीन प्रतिशत तक ही ब्याज देना होगा, जो काफी राहत भरी खबर है.

बिहार कृषि विभाग और नाबार्ड में हुआ है एमओयू

आपको बता दें कि बिहार में इस योजना को लागू करने के लिए सरकार का राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड के साथ समझौता हुआ है. जहां बिहार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा की मौजूदगी में कृषि विभाग और नाबार्ड के अधिकारियों ने इस संबंध को लेकर एमओयू साइन किया है. आपको बता दें कि सरकार की इस योजना को शुरू करने के पीछे बहुत ही नेक उद्देश्य है. सरकार चाहती है कि किसान साहूकार और अनौपचारिक तरीके से किसी से ऋण न लें, क्योंकि यह काफी महंगा पड़ता है और किसान ब्याज के बोझ तले डूबते जाते हैं. इसी से बचने के लिए किसानों को कृषि ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

तीन प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा 3 लाख तक का लोन

इस योजना के तहत बिहार के किसान, जो इसके इच्छुक हैं, और खेती के दौरान मजदूरी, बीज, खाद आदि के लिए समय-समय पर पूंजी के तौर पर दूसरे जगह से उधार लेते हैं, तो अब इस योजना के तहत किसानों को दूसरी जगह से उधार लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बहुत कम ब्याज मिलेगा. सरकार 3 लाख तक का लोन 3% के ब्याज पर देगी, जिससे किसान पर आर्थिक दबाव कम होगा.आपको बता दें कि समय पर यदि कोई कृषि ऋण लेने के लिए किसान जाता है, तो 7% तक का ब्याज देना होगा. लेकिन केंद्र सरकार की ओर से समय पर भुगतान करने वाले किसानों को तीन प्रतिशत तक की राहत दी जा रही है. वहीं बिहार सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है. किसानों को बड़ा उपहार दिया है और एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने का फैसला लिया है. यानी अब बिहार के किसान 7% ब्याज पर नहीं, बल्कि केवल तीन प्रतिशत के ब्याज पर ही ऋण ले सकते हैं.

यदि 3 लाख से अधिक का लिया लोन तो क्या होगा

अब आपके मन में सवाल उठता होगा कि अगर किसी किसान को 3 लाख से अधिक के पैसे की जरूरत हो तो क्या वह लोन ले सकता है? क्या उस पर भी ब्याज अनुदान राशि मिलेगी? ब्याज पर अनुदान मिलेगा? तो आपको बता दें कि इस योजना के लिए अतिरिक्त ब्याज अनुदान का लाभ केवल 3 लाख तक प्रति किसान ऋण पर ही मिलेगा. यानी अगर कोई किसान 5 लाख या 6 लाख का लोन लेना चाहता है, तो बिहार सरकार की अतिरिक्त ब्याज राहत केवल 3 लाख तक के हिस्से पर ही लागू होगी. उससे अधिक वाले हिस्से पर उसे अधिक ब्याज देना होगा.

समय प्रति ऋण चुकाना योजना की पहली प्राथमिकता 

आपको बता दें कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार की ओर से ब्याज पर अनुदान देने की पहल इसलिए शुरू की गई है, ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ न बढ़े. वहीं दूसरी तरफ किसान समय पर ऋण चुकाने के लिए प्रेरित हों. यानी केवल वही किसान ब्याज अनुदान का लाभ ले सकते हैं, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना कृषि ऋण चुका देंगे. यदि किसी किसान ने ऋण लिया है और उसने समय पर ऋण नहीं चुकाया, तो ब्याज पर मिलने वाला अतिरिक्त अनुदान का लाभ उसे नहीं मिलेगा. यानी समय पर ऋण चुकाना योजना की पहली शर्त रखी गई है.

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