पटना (PATNA):बिहार सरकार लगातार आम लोगों की सुरक्षा और बेहतर जीवन के लिए नए कदम उठा रही है. सरकार की ओर से भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के साथ-साथ अपराध और सामाजिक समस्याओं को कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में अब मानव तस्करी के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की तैयारी है. सरकार का फोकस सिर्फ तस्करों पर कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के शिकार लोगों को सुरक्षित माहौल, रोजगार और सम्मानजनक जीवन देने पर भी है.पटना के ज्ञान भवन में आयोजित “लापता बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन एवं परामर्श” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि तस्करों पर कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों को सुरक्षित माहौल, पुनर्वास और रोजगार देना भी जरूरी है.
रोजगार और कौशल प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव तस्करी के पीछे गरीबी, बेरोजगारी, पलायन और जागरूकता की कमी जैसी कई वजहें हैं. ऐसे में सिर्फ पुलिस कार्रवाई से इस समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता. सरकार लोगों को उनके अपने क्षेत्र में रोजगार और कौशल प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान दे रही है, ताकि उन्हें मजबूरी में दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े.इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार में नया सवेरा 3.0 अभियान चलाया जा रहा है. इससे पहले नया सवेरा 1.0” और “नया सवेरा 2.0 के जरिए भी मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता, बचाव और पुनर्वास का काम किया गया था. अब नया सवेरा 3.0 के तहत तस्करी रोकने के साथ पीड़ितों को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.
निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लापता बच्चों और लोगों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था शुरू की गई है. इसके जरिए ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और लापता बच्चों को खोजने का प्रयास किया जा रहा है. लोगों की शिकायतों के जल्द समाधान के लिए सहयोग शिविर भी लगाए जा रहे हैं.महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में बेहतर कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है. इसके साथ ही स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट भी बनाई गई है. सरकार का कहना है कि पुलिस, प्रशासन, न्यायपालिका और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर मानव तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश की जा रही है.
पलायन मानव तस्करी की बड़ी वजहों में से एक
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन मानव तस्करी की बड़ी वजहों में से एक है. ऐसे में बिहार में बढ़ते औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं. राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिल सकेगा और उन्हें रोजगार के लिए असुरक्षित तरीके से दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी.बिहार सरकार का कहना है कि मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है. इसका मकसद पीड़ितों को सुरक्षित माहौल देना, उन्हें प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ना और सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी है. इस लड़ाई में सरकार के साथ पुलिस, प्रशासन और आम लोगों की जागरूकता भी बेहद जरूरी है.
