Bihar

भगवान आए है.... पिता से मिलते ही छलका बेटी का प्यार, रोहिणी आचार्य की भावुक पोस्ट वायरल

Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

पटना(PATNA):राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर पारिवारिक भावनाओं और राजनीतिक चर्चाओं के बीच सुर्खियों में है. हाल ही में अपने पोते और तेजस्वी यादव के बेटे इराज लालू यादव का पहला जन्मदिन मनाने के बाद वे सिंगापुर रवाना हो गए.बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के पास सिंगापुर पहुंचे है, जहां वह नियमित स्वास्थ्य जांच भी करवा रहे है.उनके साथ बड़ी बेटी मीशा भारती भी मौजूद है.

परिवार के भीतर भावनात्मक माहौल और भी गहरा

लालू यादव के सिंगापुर पहुंचने की खबर सामने आते ही परिवार के भीतर भावनात्मक माहौल और भी गहरा हो गया.खासकर रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की, जिसने राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों का भी ध्यान खींच लिया.अपने संदेश में उन्होंने पिता के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करते हुए लिखा कि उनके घर आज “भगवान” आए हैं और उनकी छोटी सी दुनिया में जैसे चारों धाम एक साथ आ गए हो.

पिता के चरणों की धूल लेना भी उनके लिए सौभाग्य

रोहिणी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि पिता के चरणों की धूल लेना भी उनके लिए सौभाग्य की बात है और उन्हें “कृपानिधान” बताते हुए भावनात्मक शब्दों में सम्मान प्रकट किया.उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और लोगों ने इसे पिता-बेटी के रिश्ते की गहराई और भावनात्मक जुड़ाव के रूप में देखा.

कुछ समय पहले पारिवारिक मतभेदों की खबरें भी सामने आई थी

आपको बताएं कि कुछ समय पहले पारिवारिक मतभेदों की खबरें भी सामने आई थीं, जिनमें यह कहा गया था कि रोहिणी आचार्य नाराज होकर लालू आवास से निकल गई थी. इसके बाद लंबे समय तक परिवार के सदस्यों और उनके बीच सीधी मुलाकात नहीं हुई थी.हालांकि इस दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से रोहिणी अपने विचार और भावनाएं साझा करती रही थी.अब जब लालू प्रसाद यादव सिंगापुर पहुंचे हैं, तो राजनीतिक और पारिवारिक दोनों ही स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि यह मुलाकात सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से है या फिर परिवार के भीतर दूरी को कम करने की एक कोशिश भी है.

पारिवारिक रिश्तों की अहमियत हमेशा सबसे ऊपर

 कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि लालू यादव का यह दौरा बेटी रोहिणी को मनाने और पारिवारिक संबंधों में फिर से गर्माहट लाने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.फिलहाल पूरा मामला भावनाओं, पारिवारिक रिश्तों और राजनीतिक चर्चाओं के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है. लालू परिवार की यह मुलाकात एक बार फिर यह दिखाती है कि राजनीतिक जीवन के बावजूद पारिवारिक रिश्तों की अहमियत हमेशा सबसे ऊपर रहती है.