Bihar

पटना में गंगा का बढ़ा जलस्तर, कई घाट जलमग्न, महावीर घाट की सड़क पर तीन फीट तक पानी

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Sr. Copy Editor

पटना (PATNA) : राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं. पटना सिटी अनुमंडल के कई घाटों तक गंगा का पानी पहुंच चुका है.रानी घाट, रौशन घाट, चौधरी टोला घाट, गुलबी घाट, भद्रघाट और महावीर घाट के निचले हिस्से जलमग्न हो गए हैं. इसका सीधा असर स्थानीय लोगों के साथ इस रास्ते से आवागमन करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है.

महावीर घाट की सड़क पर भरा पानी 

महावीर घाट क्षेत्र में स्थिति अधिक परेशानी वाली बनी हुई है. यहां नदी किनारे की सड़क नीची होने के कारण गंगा का पानी सड़क पर फैल गया है. कुछ स्थानों पर पानी की गहराई करीब तीन फीट तक पहुंच गई है. ऐसे में वाहनों का सामान्य परिचालन मुश्किल हो गया है.गायघाट से कंगन घाट की तरफ जाने वाले नदी किनारे के मार्ग पर भी यातायात प्रभावित है. कई वाहन चालक पानी देखकर वापस लौट रहे हैं. वहीं, पानी से वाहन निकालने की कोशिश करने वाले कुछ लोगों के वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए.

पानी में छिपे गड्ढों से भार खतरा 

जलभराव के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं दे रही है. इससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है. सड़क के गड्ढों और असमतल हिस्सों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है. लोगों को अब दूसरे रास्तों से होकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है.महावीर घाट के पास गंगा किनारे बन रही फोरलेन सड़क का संपर्क भी पानी के कारण प्रभावित हुआ है. इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही बाधित होने से रोज इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. भद्रघाट क्षेत्र में भी गंगा का पानी सड़क तक फैल गया है. जलभराव के कारण कई वाहन सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए. इसके अलावा रानी घाट, रौशन घाट, चौधरी टोला घाट और गुलबी घाट की सीढ़ियों तथा आसपास के निचले हिस्सों में पानी चढ़ने से सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई है.

हालात पर प्रशासन की निगरानी 

पटना सिटी अनुमंडल प्रशासन बढ़ते जलस्तर और नदी किनारे के इलाकों की स्थिति पर नजर रख रहा है. पानी का फैलाव और बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा के लिए प्रभावित सड़कों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोकी जा सकती है. फिलहाल लोगों के लिए पानी से भरे रास्तों से वाहन निकालने से बचना और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग अपनाना जरूरी है.

 

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