पटना(PATNA); बिहार में बिजली सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक्शन में है. ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव ने सोमवार को विभाग की प्रमुख डिजिटल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए.
ऊर्जा सचिव ने Revenue Management System (RMS), Enterprise Resource Planning (ERP), Cyber Security Operations Center (C-SOC) और 'सुविधा बिहार' ऐप की प्रगति का विस्तृत आकलन किया. बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल समेत बिहार विद्युत कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में ऊर्जा सचिव ने कहा कि डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ेगी. साथ ही उपभोक्ताओं को तेज, सरल और बेहतर बिजली सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी. उन्होंने सभी डिजिटल परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया.
RMS और ERP की प्रगति की समीक्षा
समीक्षा के दौरान RMS के माध्यम से राजस्व संग्रहण, बिजली बिलिंग, वसूली और वित्तीय निगरानी की स्थिति का आकलन किया गया. वहीं ERP के तहत मानव संसाधन, वित्त, खरीद, सामग्री प्रबंधन, लेखा और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटल संचालन की प्रगति की समीक्षा की गई.
'सुविधा बिहार' ऐप पर उपभोक्ता सेवाओं का मूल्यांकन
बैठक में 'सुविधा बिहार' ऐप के जरिए उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं की भी समीक्षा की गई. बिजली बिल भुगतान, नए विद्युत कनेक्शन, शिकायत निवारण और अन्य ऑनलाइन सेवाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए इन्हें और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए.
साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
ऊर्जा सचिव ने Cyber Security Operations Center (C-SOC) की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की. उन्होंने विद्युत क्षेत्र के आईटी (IT) और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (OT) नेटवर्क की 24×7 साइबर निगरानी, संभावित साइबर खतरों की समय रहते पहचान, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा सूचना सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी डिजिटल परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि तकनीक आधारित सेवाओं का लाभ उपभोक्ताओं तक शीघ्र और पारदर्शी तरीके से पहुंचे और राज्य में बिजली सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो.
