पटना: बिहार में राज्य सरकार हर घर बिजली पहुंचा चुकी है और सुविधा के लिए 125 यूनिट बिजली हर महीने मुफ्त भी दी जा रही है. अब 1 नवंबर से राज्य में बिजली दर महंगा हो जाएगा. इसके लिए बिजली कंपनियों को बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने पहले ही मंजूरी दे दी थी और बिजली कंपनियों ने जुलाई महीने में ही जिलों को सूचना दे दी थी. इस नए दर के अनुसार अब नया कनेक्शन लेना 1 नवंबर से महंगा हो जाएगा.
बिजली कंपनियों ने जारी कर दिया है निर्देश
जानकारी के अनुसार 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए सेवा संयोजन शुल्क निर्धारित किया गया है. इस तरह से नई व्यवस्था के अनुसार घरेलू सहित औद्योगिक कनेक्शन के लिए उपभोक्ता जब आवेदन करेंगे, उसी समय रेट की जानकारी दे दी जाएगी. एलटी सिंगल फेज, एलटी थ्री फेज और एचटी श्रेणी के 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन निर्धारित शुल्क के आधार पर जारी किए जाने की तैयारी है. राशि का भुगतान होते ही दोनों बिजली वितरण कंपनियां तकनीकी जरुरत के मुताबिक प्वाइंट ऑफ सप्लाई (विद्युत मीटर) तक पूरी विद्युत संरचना, सर्विस तार सहित, उपलब्ध कराएंगी. इसके बाद उपभोक्ताओं को नया बिजली कनेक्शन दिया जाएगा.
अब इतना देना होगा शुल्क
दोनों बिजली कंपनियों ने नई व्यवस्था की जानकारी के साथ ही सभी आपूर्ति अंचलों, प्रमंडलों और उप प्रमंडलों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दी है. इसके अनुसार 3 किलोवाट तक के नए कनेक्शन के लिए 900 रुपए, जबकि 3 किलोवाट से अधिक के लिए 2700 रुपए के साथ ही प्रति किलोवाट के लिए 1000 रुपए देना होगा. वहीं 5 किलोवाट के लिए 4500 रूपए और इससे अधिक के लिए प्रति किलोवाट 1500 रुपए शुल्क देना होगा. इसके साथ ही 20 किलोवाट तक के लिए 21000 रूपए तथा उससे अधिक के लिए 21000 रुपए के साथ प्रति किलोवाट 2000 रुपए देना होगा.