टीएनपी डेस्क(TNP DESK):15 अगस्त 2026 के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में झंडा फहराया, जहां उन्होंने देशवासियों के साथ बिहारवासियों को 80वां स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर उन्होंने बिहार के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा ऐलान कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 अगस्त को पूरे बिहार में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की शुरुआत की जाएगी, जहां इस पोर्टल के माध्यम से बिहार के छात्र अपनी पढ़ाई, छात्रावास और संस्थान से जुड़ी किसी भी समस्या की सीधी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. सरकार की ओर से दावा किया गया है कि पोर्टल पर शिकायत का निवारण 30 दिनों के भीतर जरूर हो जाएगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं और छात्रों को अक्सर यह चिंता रहती है कि उनकी समस्या कौन सुनेगा.वही उनकी बात को सुनने के लिए सरकार एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार कर रही है, जिससे छात्र अपनी कोई भी परेशानी या शिकायत सीधे सरकार तक पहुंचा सकता है.
17 अगस्त को राज्य में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की स्थापना
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि 17 अगस्त से राज्य में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की स्थापना कर दी जाएगी, जहां बिहार के किसी भी जिले या क्षेत्र का छात्र अपनी समस्या सरकार तक पहुंचा पाएगा. इसके लिए विद्यार्थियों को अपने शिकायत ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा, जिससे संबंधित विभाग या अधिकारी के स्तर पर उसके समाधान की प्रक्रिया होगी.मुख्यमंत्री ने बिहार के छात्रों को भरोसा देते हुए कहा है कि अगर विद्यार्थी अपने संस्थान से किसी भी तरह की कोई परेशानी है या हॉस्टल में किसी तरह की कोई परेशानी हो रही है, तो विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. अब स्टूडेंट्स को किसी भी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. 30 दिनों के अंदर आसानी से समस्याओं का समाधान हो जाएगा.
छात्रों के सभी तरह के समस्याओं का होगा समाधान
आपको बता दें कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल में केवल किसी एक तरह की शिक्षा की समस्या का समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि विद्यार्थी अपनी शिक्षा और छात्र जीवन से जुड़ी परेशानियां भी यहां दर्ज करा सकते हैं. अगर किसी छात्र को अपने संस्थान में परेशानी हो रही है, कोचिंग से संबंधित कोई परेशानी है, छात्रावास में समस्या है या पढ़ाई से जुड़ी कोई अन्य समस्या है, तो इस पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवाकर समाधान करवा सकते हैं.आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के इस घोषणा के बाद बिहार के ऐसे छात्र जो अपनी परेशानी को लेकर चिंतित रहते हैं, उनके अंदर एक उम्मीद जगी है कि अब उन्हें भी कई दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उनकी शिकायत भी बहुत ही आसानी से घर बैठे ऑनलाइन दर्ज हो सकेगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म दिया है, जहां अब उन्हें अपनी शिक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी के लिए यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा.
