पटना(BIHAR): बिहार की राजधानी पटना में CTET 2026 से जुड़े बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास के बाहर पहुंच गए. अभ्यर्थियों ने वहां बैठकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की. उनका मुख्य मुद्दा आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने का अवसर दिए जाने से जुड़ा है. प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नारे भी लगाए. उनका कहना है कि वे बिहार के निवासी हैं और शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए भर्ती प्रक्रिया में उन्हें भी समान अवसर मिलना चाहिए.
शिक्षक भर्ती में आवेदन की अनुमति की मांग
CTET अभ्यर्थियों का दावा है कि वे 2026 में CTET परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया में शामिल हैं, लेकिन उन्हें बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा में फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिल रही है. प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि दूसरी ओर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से संबंधित शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर दिया जा रहा है. इसी कथित अंतर को लेकर CTET अभ्यर्थियों में नाराजगी है.
अभ्यर्थियों ने उठाया समान अवसर का सवाल
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि बिहार के दूसरे पात्र अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में आवेदन का अवसर मिल रहा है, तो CTET से जुड़े बिहार के अभ्यर्थियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है. उन्होंने सरकार से नियमों पर पुनर्विचार करने और सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए समान व्यवस्था बनाने की मांग की है.
सरकार से सही फैसले की उम्मीद
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे अभ्यर्थियों की मांग है कि CTET 2026 से जुड़े उम्मीदवारों को भी आगामी शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जाए. प्रदर्शन के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर शिक्षा विभाग और बिहार सरकार के अगले कदम पर है.फिलहाल प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए दावों और भर्ती पात्रता से जुड़े नियमों पर संबंधित विभाग की आधिकारिक स्थिति सामने आना महत्वपूर्ण होगा.
