Bihar

बिहार में 57 लाख राशन कार्ड होंगे रद्द! पढ़िए कहीं आपका नाम भी तो नहीं?

Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Sr. Content Writer

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):बिहार सरकार ने राशन कार्ड को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है.जहां फर्जी राशन कार्ड लाभुकों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि बिहार के वैसे परिवार, जिनकी आय 10,000 या उससे अधिक है, वे राशन कार्ड के पात्रता मानकों से बाहर है.ऐसे राशन कार्ड लाभुकों का नाम सूची से काट दिया जाएगा. पूरे बिहार में राशन कार्ड की गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है.सरकार की ओर से दावा किया गया है कि बिहार में 57 लाख से अधिक ऐसे राशन कार्ड लाभुकों को चिन्हित किया गया है, जिनका नाम सूची से हटाने की तैयारी की जा रही है. बताया जा रहा है कि अब तक 30 लाख 63 हजार से ज्यादा लोगों का नाम राशन कार्ड की सूची से हटाया जा चुका है.

ऐसे लोग नहीं है राशन कार्ड के पात्र

सरकार की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, अगर किसी परिवार के पास तीन पहिया या चार पहिया वाहन है, तो वह राशन कार्ड का लाभुक नहीं हो सकता. इसके साथ ही जिन परिवारों की मासिक आय 10,000 या उससे अधिक है, वे भी इस योजना के लाभुक नहीं हो सकते है. वहीं, अगर कोई आयकर या प्रोफेशनल टैक्स देता है, या कृषि व्यवसाय संचालित करता है,या किसी के पास 5 एकड़ से अधिक जमीन है, तो ऐसे लोग भी इसके लिए पात्र नहीं माने जाएंगे. ऐसे लोगों का नाम अब राशन कार्ड से हटाने की तैयारी सरकार कर रही है.

इन जिलों में सबसे अधिक फर्जी लाभुक

आपको बता दें कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मुताबिक बिहार के औरंगाबाद, बांका, अरवल, अररिया, किशनगंज, जमुई, लखीसराय, गोपालगंज, मधुबनी, नवादा, समस्तीपुर, रोहतास, सहरसा और शेखपुरा समेत 14 जिलों में अपात्र लाभार्थियों का नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वहीं, सीवान, पटना, सारण, गया, पूर्वी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में सबसे अधिक राशन कार्ड लाभार्थियों की पहचान की गई है, जिनका नाम अब बिहार सरकार राशन कार्ड से काटेगी.

गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवार के लिए शुरू की गई है योजना

बिहार सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से चलाई जाने वाली खाद्य सुरक्षा योजना उन लोगों के लिए शुरू की गई है, जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं और जिन्हें दो वक्त का भोजन भी नसीब नहीं होता.अगर इसका लाभ संपन्न परिवार के लोग लेंगे, तो जरूरतमंद लोगों तक इस योजना का लाभ नहीं पहुंच पाएगा.इसलिए अपात्र लाभुकों का नाम हटाने की तैयारी सरकार कर रही है. हालांकि, सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर किसी लाभुक का नाम राशन कार्ड से कट गया है और वह दावा करता है कि वह योजना का वैध लाभुक है, तो वह दोबारा प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में आवेदन कर सकता है. जांच में सही पाए जाने पर उसका राशन कार्ड दोबारा चालू कर दिया जाएगा.

हजारों लाभुक असमंजस की स्थिति में

राशन कार्ड से अचानक नाम कट जाने के बाद बिहार के हजारों लाभुक असमंजस की स्थिति में है. कई लाभुकों को इस बात की जानकारी तब मिलती है, जब वे राशन कार्ड लेकर पीडीएस दुकान पर पहुंचते है.वहां उन्हें पता चलता है कि उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया है.

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