पटना (PATNA): बिहार में 1799 पदों के लिए आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतर आए हैं. विरोध प्रदर्शन के लिए अभ्यर्थी जेपी गोलंबर पहुंचे, जहां से उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग भर्ती परीक्षा को रद्द कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने की है. प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है.
मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों की ओर से मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी की बात भी सामने आई है. इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं. अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक परीक्षा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच और उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
प्रश्नपत्र और OMR शीट वायरल होने का आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई. प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा के समय प्रश्नपत्र और OMR शीट वायरल होने का भी दावा किया है. इन्हीं आरोपों को आधार बनाकर अभ्यर्थी पूरी परीक्षा प्रक्रिया की जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि के बिना इन्हें अभ्यर्थियों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
गया में सॉल्वर गैंग से जुड़े आरोपी पर कार्रवाई
इस बीच गया में परीक्षा से जुड़ी कथित नकल की एक घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया है. गया कॉलेज के पास रामपुर इलाके में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर सॉल्वर गैंग से जुड़े एक शातिर व्यक्ति को नकल कराने के आरोप में गिरफ्तार किया. 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को लेकर सामने आ रहे आरोपों और अभ्यर्थियों के आंदोलन के कारण मामला अब और गरमा गया है. प्रदर्शनकारी परीक्षा रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग पर अड़े हुए हैं.
