पटना (PATNA): बिहार में लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान शुरू किया है. यह अभियान 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक राज्य के सभी 38 जिलों में चलाया जाएगा. इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों, पंचायतों और घरों तक पहुंचकर 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग करेंगी. अभियान में करीब 14,500 स्वास्थ्य केंद्रों को शामिल किया गया है. सरकार का लक्ष्य सामान्य और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है.
डायबिटीज से कैंसर तक की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गैर-संचारी रोगों की पहचान पर विशेष ध्यान देंगी. लोगों की मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, हृदय रोग, सांस एवं फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों और फैटी लिवर जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग की जाएगी. जांच के दौरान किसी बीमारी की पहचान होने पर मरीज को परामर्श और दवा उपलब्ध कराने के साथ जरूरत के अनुसार इलाज या उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने की व्यवस्था होगी.सरकार का लक्ष्य 30 वर्ष से अधिक उम्र की बड़ी आबादी की स्क्रीनिंग कर उसका स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करना भी है. स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने और संबंधित हेल्थ आईडी से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी
अभियान की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाई. उन्होंने कहा कि इन रथों के माध्यम से राज्य के हर जिले, गांव और घर तक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. लोगों को बीमारियों से बचाव के तरीके बताने के साथ उनकी जांच भी की जाएगी.मुख्यमंत्री ने जिला अस्पतालों में उपलब्ध इलाज और ऑपरेशन की सुविधाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर अधिक बीमारियों का इलाज उपलब्ध होने से बड़े अस्पतालों में रेफरल का दबाव कम किया जा सकता है. आईसीयू और ऑपरेशन संबंधी सुविधाओं को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है.
स्वास्थ्य सेवाओं और नियुक्तियों पर भी जोर
राज्य सरकार डॉक्टरों और नर्सों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की जरूरत के अनुसार आगे भी नियुक्तियां की जाएंगी. इसके साथ ही ग्रामीण अस्पतालों और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर करने के लिए ‘मिशन कायाकल्प’ पर काम करने की बात कही गई. कार्यक्रम में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और विभिन्न जिलों के पदाधिकारी भी जुड़े.
