टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अगर सब कुछ योजना के तहत हुआ तो अब बिहार के लोगों को डेंगू जैसे बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलेगी. साधन बनेगा बकरी का दूध. बकरी का दूध अब सुधा-बूथ पर बेचने की योजना बहुत आगे बढ़ चुकी है. कैबिनेट की मुहर लगते ही इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा. जानकारी के अनुसार बिहार के सुधा बूथ पर अब गाय, भैंस के दूध के साथ-साथ बकरी का प्रोसेस्ड और पैक्ड दूध मिलेगा.
बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के माध्यम से बकरी के दूध को इकट्ठा किया जाएगा. प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के बाद इसकी बिक्री की जाएगी. एक तरफ बकरी पालने वाले पशुपालकों को लाभ होगा, तो दूसरी तरफ डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी लोगों को मदद मिलेगी. सूत्रों के अनुसार बकरी पशुपालकों को संगठित करने के लिए एक विशेष बकरी फेडरेशन का गठन किया जा रहा है. अगले कुछ दिनों में इसका गठन पूरा हो जाएगा.
जल्द ही इस योजना को राज्य कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद इसे पूरे बिहार में लागू कर दिया जाएगा. इसका गठन तीन अलग-अलग स्तरों पर होगा. प्रखंड, प्रमंडल और राज्य स्तर पर यह काम करेगा. जिस तरह समितियां के माध्यम से गाय, भैंस का दूध इकट्ठा किया जाता है, ठीक उसी तर्ज पर बकरी संगठनो के जरिए बकरी का दूध एकत्र किया जाएगा. इसके बाद इसे सुरक्षित पैक किया जाएगा. बकरी का दूध 200 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर की पैकिंग में बाजार में उपलब्ध कराने की योजना है. बिहार सरकार बकरी के दूध का की जीआई टैगिंग के लिए भी प्रयास कर रही है.
