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पटना न्यू बाईपास पर बनेगा बिहार का पहला एट-ग्रेड कॉरिडोर, अनीसाबाद से दीदारगंज तक बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम

Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
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पटना (PATNA):राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक और भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए न्यू बाईपास पर बड़ी सड़क परियोजना की तैयारी की जा रही है. प्रस्ताव के अनुसार अनीसाबाद से दीदारगंज के बीच करीब 13.14 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. परियोजना पर लगभग 8,456 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. योजना की खास बात यह है कि मौजूदा चार लेन सड़क को बनाए रखते हुए उसके ऊपर छह लेन की एलिवेटेड सड़क विकसित की जाएगी. इससे लंबी दूरी के वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक को अलग-अलग मार्ग उपलब्ध हो सकेगा.

10 लाख लोगों को मिल सकती है राहत 

इस परियोजना से दक्षिण पटना के करीब 150 मोहल्लों में रहने वाली लगभग 10 लाख आबादी को फायदा मिलने की उम्मीद है. अनीसाबाद, सरिस्ताबाद, 90 फीट रोड, अशोक नगर, भूतनाथ, पहाड़ी, कर्मलीचक और दीदारगंज समेत न्यू बाईपास से जुड़े कई इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है.भारी और लंबी दूरी के वाहन एलिवेटेड सड़क से गुजरेंगे, जबकि स्थानीय वाहनों के लिए नीचे की मुख्य सड़क और सर्विस रोड उपलब्ध रहेगी.

22 किलोमीटर सर्विस रोड और 10 रैंप की योजना 

प्रस्तावित कॉरिडोर में दोनों तरफ मिलाकर करीब 22 किलोमीटर सर्विस रोड बनाने की योजना है. इसके साथ 10 रैंप, दो फ्लाईओवर, तीन छोटे पुल और चार अंडरपास प्रस्तावित हैं. पटना-गया रेल लाइन के ऊपर आठ लेन का रोड ओवरब्रिज भी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा. इन सुविधाओं से प्रमुख जंक्शनों पर वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने और बार-बार लगने वाले जाम को कम करने में मदद मिल सकती है.

ड्रेनेज सिस्टम से जलजमाव पर होगा काम 

सड़क परियोजना में जल निकासी पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. कॉरिडोर के साथ पांच किलोमीटर से अधिक लंबा आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की योजना है. इससे बारिश के मौसम में न्यू बाईपास और आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन महासेतु से जुड़ाव के बाद यह कॉरिडोर उत्तर बिहार की तरफ जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग बन सकता है. इससे गांधी सेतु सहित दूसरे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव घटने की संभावना है.

फिलहाल परियोजना की डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है. डीपीआर में डिजाइन, तकनीकी जरूरतों, निर्माण लागत और अन्य पहलुओं को अंतिम रूप मिलेगा. परियोजना जमीन पर उतरने के बाद न्यू बाईपास पटना के भविष्य के ट्रैफिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बन सकता है.

 

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