पटना (PATNA): बिहार में तेजी से बढ़ रही बोरिंग और सबमर्सिबल पंपों के इस्तेमाल को देखते हुए राज्य सरकार भूजल प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रही है. प्रस्तावित भू-गर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) विधेयक 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है, जिस पर आम लोगों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं. विधेयक का उद्देश्य भूजल के अनियंत्रित दोहन को रोकने के साथ भविष्य के लिए जल संसाधनों का संरक्षण करना है.
व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग के लिए पंजीकरण
प्रस्तावित नियमों के अनुसार वाणिज्यिक, औद्योगिक, खनन और बड़े पैमाने पर भूजल इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं का पंजीकरण अनिवार्य किया जा सकता है. भूजल की स्थिति गंभीर होने पर किसी क्षेत्र में नए बोरिंग या कुएं के निर्माण पर रोक लगाने का भी प्रावधान है. कुछ क्षेत्रों को अधिसूचित कर वहां भूजल निकासी पर अतिरिक्त नियंत्रण लगाया जा सकेगा.
तीन स्तर पर काम करेंगे प्राधिकरण
भूजल प्रबंधन के लिए राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर प्राधिकरण गठित करने का प्रस्ताव है. राज्य स्तरीय व्यवस्था की अध्यक्षता लघु जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे. जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में प्राधिकरण काम करेगा. यह जिले की भूजल सुरक्षा योजनाओं की निगरानी करने के साथ पानी निकालने की अनुमति और NOC से जुड़े मामलों को भी देखेगा.
घरेलू और कृषि उपयोगकर्ता भी होंगे पंजीकृत
नई व्यवस्था केवल उद्योगों तक सीमित नहीं होगी. घरेलू और कृषि कार्यों में भूजल इस्तेमाल करने वाले मौजूदा और नए उपयोगकर्ताओं के पंजीकरण की जिम्मेदारी प्रखंड स्तरीय प्राधिकरण को देने का प्रस्ताव है. इस व्यवस्था से अलग-अलग क्षेत्रों में भूजल की मांग और उपयोग से संबंधित बेहतर आंकड़े जुटाने में मदद मिल सकती है.
भूजल निकालने पर लग सकता है शुल्क
विधेयक के प्रस्तावों में भूजल निकासी पर शुल्क लगाने की व्यवस्था भी शामिल है. नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई का अधिकार संबंधित प्राधिकरण को दिया जा सकता है. जलवायु परिवर्तन, वर्षा के बदलते पैटर्न और लगातार बढ़ती भूजल निर्भरता को देखते हुए सरकार संरक्षण पर जोर दे रही है. हालांकि अभी यह केवल विधेयक का प्रारूप है. सुझावों के आधार पर प्रावधानों में बदलाव संभव है. अंतिम कानून लागू होने के बाद ही बिहार में बोरिंग, पंजीकरण, NOC और भूजल निकासी से जुड़े वास्तविक नियम स्पष्ट होंगे.
