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Bihar Politics: नीतीश के दो करीबी आमने-सामने, अनंत सिंह या नीरज कुमार? किसके साथ खड़ी होगी जदयू

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार विधान परिषद चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने गड्ढा और खाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. बिहार विधान परिषद के चुनाव को लेकर नीतीश कुमार के दो समर्थक बाहुबली विधायक अनंतनाथ सिंह और जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच ठन गई है. दोनों भूमिहार जाति से आते हैं. नीरज कुमार फिलहाल पटना स्नातक सीट से एमएलसी हैं. दोनों नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक गार्जियन भी मानते है.  

अनंत सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वह नीरज कुमार की सीट पर डॉक्टर अनुज कुमार को समर्थन देंगें. मतलब अनंत सिंह अपनी पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. अनंत  सिंह अभी हाल ही में बाढ़ गए थे. जहां शराब पीने से चार युवको  की मौत हो गई थी. वहां वह परिजनों से मिले थे. उन्होंने साफ कहा कि पटना  स्नातक सीट के सभी 26 विधानसभा के लोग अनुज कुमार को समर्थन देंगें. वह भी अनुज कुमार के लिए ही काम करेंगें. उन्होंने  कहा कि जो हमारा साथ नहीं देता है, उसका साथ हम क्यों देंगे? मेरा एक-एक आदमी अनुज कुमार के साथ रहेगा.

नीरज कुमार इस सीट पर लगातार तीन बार से एमएलसी हैं. लेकिन इस बार उन्हें कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है. दरअसल, नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच पुरानी राजनीतिक लड़ाई है. दोनों ही मोकामा के रहने वाले है. दोनों में राजनीति आकांक्षाओं की टकराहट है. 2015 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को मोकामा सीट से हराया भी था. दरअसल, 2015 में जदयू ने राजद के साथ हाथ मिला लिया था और मोकामा से नीरज कुमार को महा गठबंधन का उम्मीदवार बनाया गया था. फिर अनंत  सिंह जदयू छोड़कर निर्दलीय मैदान में उतर गए और नीरज  कुमार को पराजित कर दिया. 

इधर, दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक लड़ाई तब और बढ़ गई ,जब जेल से अनंत सिंह मोकामा सीट से जदयू के टिकट की दावेदारी करने लगे. उस समय नीरज कुमार खुलकर अनंत सिंह का विरोध किया. अनुज कुमार के बारे में बताया जाता है कि वह जनसुराज से जुड़े हैं. 2025 के विधानसभा चुनाव में डॉक्टर अनुज कुमर नवादा सीट से जनसुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. अनुज कुमार शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं, वह प्राइवेट स्कूल चलाते हैं. दरअसल, नवंबर 2026 में बिहार विधान परिषद की 8 सीटों से मौजूदा एमएलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा हैं. इन आठ सीटों में चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट है. वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है. इसे लेकर चुनाव आयोग बहुत जल्द कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है.  

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