Bihar

Bihar Politics: मोदी सरकार के दो मंत्रियो की जुबानी जंग में कूदे तेजश्वी यादव, केंद्रीय मंत्रियो को चुनौती ?

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

TNPDESK: बिहार में दलित वर्ग की जातियों की आरक्षण व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच घमासान मचा हुआ है. अब इस विवाद में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी कूद गए है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी को आरक्षित सीट से इस्तीफा देने की चुनौती दी दी है.  उनका आरोप है कि एनडीए में शामिल चिराग पासवान और जीतन राम मांझी नागपुर के इशारे पर बोलते हैं.  

दोनों दलित नेता आरक्षण खत्म करने की साजिश रचने वालों के साथ खड़े हैं. इसमें उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल हैं. रविवार को  पटना में तेजस्वी यादव ने कहा कि आरक्षण खत्म हो नहीं सकता.  उन्होंने कहा कि जब-जब नागपुर से खबर आती है कि एक पक्ष में बोले और दूसरा विपक्ष में,यह नेता बोलने लगते हैं. उन्होंने  कहा कि वह कभी आरक्षण का लाभ नहीं लिया, लेकिन जीतन राम मांझी हो या चिराग पासवान, यह लोग लगातार सुरक्षित सीटों से चुनाव लड़कर सदन में पहुंचते हैं.  लेकिन जो लोग आरक्षण को समाप्त करने की बात करते हैं, वहीं पर जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, नीतीश कुमार खड़े हैं. 

आरएसएस और भाजपा शुरू से ही आरक्षण का विरोधी रही है. लेकिन आरक्षण की  व्यवस्था को कोई खत्म नहीं कर सकता.  तेजस्वी यादव ने कहा कि यह लोग लुका -छुपी का खेल नहीं करें, सामने आएं  और अपनी आरक्षित सीटों से इस्तीफा दे दें और मैदान में आ जाएँ. बता दें कि  जीतन राम मांझी और उनके बेटे संतोष कुमार सुमन ने कहा था कि दलित वर्ग में कुछ जातियां ही आरक्षण का लाभ ले रही हैं. अन्य जातियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है.  इसलिए रिजर्वेशन में सब कैटिगरी बनाकर वंचित जातियों को तरजीर दी जानी चाहिए. इस बयान पर चिराग पासवान भी भड़के हुए थे.