टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार में क्या बदलाव की नई पटकथा लिखी जा रही है? सम्राट चौधरी सरकार भी सक्रिय हो गई है, तो केंद्र का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है. सरकार रोजगार मेले का आयोजन कर रही है. रोजगार मेला अभी चल ही रहा है. इसे बड़ा रोजगार मेला बताया जा रहा है. तो बुधवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे. कई सालों के बाद उन्होंने अपना तेवर दिखाया. राजद के लोगों का भी उन्हें पूरा सहयोग मिला. तो बांकीपुर सीट से प्रशांत किशोर उपचुनाव जीतने के बाद लगातार सक्रिय हैं. वह दावा कर रहे हैं कि बहुत जल्द बांकीपुर विधानसभा को आदर्श विधानसभा बनाकर लोगों के सामने उदाहरण पेश करेंगें. इस दिशा में वह सक्रिय भी देखे जा रहे हैं.
इधर, गुरुवार को केंद्र सरकार ने बिहार को एक बड़ा तोहफा दिया है. बिहार के 11 लाख से अधिक परिवारों को पक्का मकान मिलने की स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया है. लगभग 35,000 लाभुकों को नए घर की चाबी भी दी गई है और नए आवास निर्माण की स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया गया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने घोषणा की है कि बिहार की कोई भी बहन कच्चे मकान में नहीं रहेगी. आज 11.18 लाख पक्का मकान की स्वीकृति दी गई है. आगे सर्वे में जो शेष बचे हैं, सभी के लिए पक्का मकान बनेंगें, उन्होंने घोषणा की, जीविका दीदी को उनके उत्पाद को बाजार देने के लिए भारत सरकार हाट बनाएगी, कहा कि बिहार में फसल बीमा योजना लागू की जा रही है, इससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा.
बिहार की राजधानी पटना में सबसे बड़ा रोजगार मेला शुरू किया गया है. यह रोजगार मेला 19 अगस्त से 23 अगस्त तक चलेगा. 5 दिनों तक चलने वाले इस मेले में 80 से अधिक नामी कंपनियां हिस्सा लेंगी और करीब 20,000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है. यह रोजगार मेला युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से शुरू किया गया है. इस रोजगार मेले में दसवीं, बारहवीं, आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन और अन्य तकनीकी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भाग ले सकते हैं. कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी करेंगीं.
इधर, बुधवार को छात्र आंदोलन के दौरान सिवान में एके -47 से फायरिंग सहित अन्य मुद्दों को लेकर तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे. बहुत दिनों के बाद राजद के लोग अपना दम दिखाया. जानकार बताते हैं कि लालू प्रसाद यादव की पार्टी लगभग 11 साल बाद बुधवार को राजभवन मार्च करने निकली. इन 11 साल में वह तीन-चार साल सरकार में भी रही. जानकारी के अनुसार राजद इससे पहले 2015 में राजभवन मार्च किया था. लालू यादव तब सरकार से 2011 की जनगणना में जातीय गणना की रिपोर्ट जारी करने की मांग कर रहे थे. तेजस्वी यादव भी लगभग 5 साल के बाद सड़क पर पैदल मार्च करते हुए संघर्ष करते दिखे. मार्च 2021 में विधानसभा परिसर में राजद समेत विपक्षी विधायकों से पुलिस की बदसलूकी के खिलाफ तेजस्वी यादव ने विधानसभा मार्च का प्रयास किया था. लेकिन वह अरेस्ट हो गए थे. उस समय राजद कार्यकर्ताओं की पिटाई भी हुई थी.
यह अलग बात है कि तेजस्वी यादव सरकार के खिलाफ अलग-अलग तरह से हल्ला बोलते रहे हैं. यह अलग बात है कि तेजस्वी यादव जनादेश अपमान यात्रा, आरक्षण बढ़ाओ यात्रा, बेरोजगारी हटाओ यात्रा, जन विश्वास यात्रा और वोटर अधिकारी यात्रा के जरिए लोगों का विश्वास अर्जित करने की कोशिश करते रहे है. लेकिन राजद कार्यकर्ताओं में संघर्ष करने और लड़ने का जोश भरने वाला आंदोलन लंबे समय बाद दिखा. बांकीपुर उपचुनाव में विदेश दौरे से वह निशाने पर आये. पार्टी में भी विवाद सामने आ गया है. बांकीपुर में उनके उम्मीदवार की जमानत भी जब्त हो गई है. बदलते राजनीतिक माहौल और नौजवान पीढ़ी का तेवर भी तेजस्वी यादव को सड़क पर उतरने को मजबूर किया.
इधर, प्रशांत किशोर लगातार सक्रिय है. उन्होंने घोषणा कर रखी है कि बांकीपुर विधानसभा से पढ़े लिखे 10,000 बेरोजगार युवकों को नौकरी देंगें इसके साथ ही बिहार में दो ध्रुव की राजनीति में प्रशांत किशोर ने तीसरा कोण भी खड़ा कर दिया है. अब तक एनडीए और महागठबंधन के बीच ही राजनीति चलती थी लेकिन अब तीसरा कोण भी खड़ा हो गया है और इससे बिहार की राजनीति में बदलाव दिखाना शुरू हो गया है.
