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बिहार पॉलिटिक्स : MLC चुनाव में बांकीपुर की "टॉनिक" कितनी होगी कारगर? क्यों शुरू हुई चर्चा, पढिए

Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Senior Journalist

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार के आठ एमएलसी सीटों पर चुनाव होने है. पटना शिक्षक, पटना स्नातक, सारण शिक्षक, तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, दरभंगा शिक्षक और कोसी स्नातक सीट का कार्यकाल नवंबर महीने में खत्म हो रहा है. अभी 8 में से तीन विधान परिषद सीटों पर एनडीए का कब्जा है. पटना शिक्षक और कोसी स्नातक भाजपा के पास है एवं पटना स्नातक जदयू के पास है. दो सीटों पर महागठबंधन का कब्जा है. एक सीट कांग्रेस के पास है, एक सीट माले का कब्जा है. अन्य तीन सीटों पर निर्दलीय विधान पार्षद हैं. सारण शिक्षा पर जनसुरज समर्थित एमएलसी है. 

इन सीटों पर इसी महीने चुनाव की तिथि घोषित हो सकती है. इस चुनाव को लेकर जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर सक्रिय हैं. कहा जा रहा है कि कई उम्मीदवारों के नाम का फैसला हो गया हैं. जो बचे हैं, उनका भी फैसला जनसुराज तीन-चार दिनों में कर लेगी. एक साथ ही उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी. अब यहां से सवाल उठता है कि 8 सीट पर जनसुराज की एक बार फिर अग्नि परीक्षा होगी. बांकीपुर सीट जीतने के बाद जनसुराज का जोश हाई है. प्रशांत किशोर की पार्टी का विधान परिषद चुनाव लड़ने की घोषणा से विरोधी खेमों में खलबली है. एनडीए और महागठबंधन की उम्मीदवार कौन होंगे, इस पर अभी बहुत चर्चा नहीं है.  

दरअसल, बांकीपुर उपचुनाव में चुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर एक बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं. बांकीपुर में उन्होंने भाजपा का लगभग 3 दशक पुराना किला ढहा दिया और प्रशांत किशोर पार्टी के पहले विधायक बने हैं. कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रशांत किशोर एमएलसी चुनाव के साथ ही अगले साल होने वाले बिहार पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए है. यह बात तो सच है कि बांकीपुर से जनसुराज के जीतने के बाद बिहार का राजनीतिक माहौल थोड़ा बदला बदला दिख रहा है. शिक्षा और पलायन पर जोर के बाद सभी पार्टियों अपने संगठन पर ध्यान केंद्रित किए हुए है. राजद भी सक्रिय हो गया है. यह अलग बात है कि कांग्रेस में अभी अंदरूनी कलह  चरम पर है.दिल्ली में बिहार कांग्रेस के नेता धरना-प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी लगातार घोषणाएं कर रहे हैं. 

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